रूप नगर में चकला चलाने के आरोप लगने के बाद पिंक हाउस को सील करने के डीएम जम्मू द्वारा दिए गए आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इस संबंध में जानीपुर थाने में आरोपी शाहिदा परवीन के खिलाफ आरपीसी की धारा 376, 109, 342, 506 और अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4/5 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
साथ ही डीएम के आदेश पर पिंक हाउस को सील कर दिया गया था। इसके बाद शाहिदा ने आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। जस्टिस हसनैन मसूदी ने याचिकाकर्ता के वकील वीआर वजीर और सरकार के एएजी एचए सिद्दीकी की दलीलें सुनने के बाद पाया कि उक्त आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता की ओर से किए गए विरोध के तर्क में दम है।
आदेश पर एकमात्र नजर से ही पता चलता है कि याचिकाकर्ता इस समय न्यायिक हिरासत में है। जेल अथारिटी के मार्फत उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि याचिकाकर्ता डीएम के समक्ष अपने बचाव में अपना पक्ष रखने की स्थिति में नहीं है।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने याचिका को स्वीकार करने के अलावा डीएम के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने डीएम को निर्देश दिए कि वह सेक्शन 18 के तहत याचिकाकर्ता को ताजा नोटिस जारी कर सकते हैं। नोटिस जारी करने की तिथि से दो सप्ताह के अंदर सारी कार्यवाही पूरी की जाए।
हालांकि इस दौरान इमारत को सील रखा जाए। अदालत ने कहा कि यदि केस की कार्यवाही दो सप्ताह में पूरी नहीं की जाती या नया नोटिस जारी नहीं किया जाता तो इमारत को याचिकाकर्ता के हवाले कर दिया जाए। इस निर्णय की जानकारी याचिकाकर्ता को दी जाए, ताकि यदि वह कानून के तहत वह बचाव में कुछ करना चाहती है तो कर सकती है। जेएनएफ