बालटाल में फंसे लोगों को सुरक्षाबलों ने शुक्रवार देर रात यहां से निकाला और अमरनाथ यात्रा शुरू कराई। मौके पर हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं। हालात का जायजा लेने के लिए सेना की चिनार कोर के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल सुब्रता साह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान पूरी सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उन्होंने स्थानीय सेक्टर कमांडरों से बातचीत कर स्थिति की विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने नागरिकों तथा अमरनाथ यात्रियों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया। ऐसी स्थिति फिर से पैदा ना हो, इसके लिए उन्होंने स्थानीय कमांडरों को सभी कदम उठाने के लिए कहा।
मालूम हो कि बालटाल आधार शिविर में लंगर तथा घोड़े वालों के बीच झगडे़ के बाद भड़की हिंसा में दर्जनों लोग घायल हो गए थे और कई तंबुओं को आग लगा दी गई थी। स्थिति इस कदर खराब हो गई कि यात्रियों को भाग कर सेना तथा केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बलों के शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी।
विज्ञापन
सेना के जवानों ने किया खाने का इंतजाम
दोमेल तथा सोनामार्ग में सेना ने करीब दो हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था तथा उनके खाने का बंदोबस्त किया। केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल ने भी इस मौके पर मानवीय नजरिए से तीन हजार के करीब यत्रियों को अपने शिविरों में शरण दी। उनके ठहरने और खाने-पीने के सभी प्रबंध किए।
हिंसा और आगजनी में 60 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे। लगभग 60-70 गैस सिलेंडरों के फटने से नौ लंगर और 100 से ज्यादा तंबू पूरी तरह राख हुए थे। शुक्रवार को बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा दिन भर रुकी रही।
परवीन तगोड़िया खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदु परिषद(वीएचपी) नेता परवीन तगोड़िया के बालटाल की हिंसा संबधी दिए बयान ने नया बवाल पैदा कर दिया है।
नेश्नल कांफ्रेंस ने उनके बयान को भड़काउ तथा देश को बांटने वाला करार देते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पार्टी के प्रान्तीय प्रधान नसीर असलम वानी मंत्री तथा मियां अल्ताफ की ओर से आज जारी संयुक्त बयान में तगोड़िया की टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि बालटाल में जो भी हुआ नेश्ननल कांफ्रेंस उसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
तोगड़िया पर दर्ज किया जाएगा केस
मियां अल्ताफ ने कहा, अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से समपन्न करवाने में सरकार पूरा सहयोग कर रही। लेकिन वीएचपी नेता भड़काउ भाषण देकर इस पर राजनितिक कर रहे।
उन्होंने कहा कि उनकी बयान बाजी से देश में आपसी सौहार्द को बिगड़ने का खतरा है, इसलिए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर केन्द्र सरकार ऐसा करने का साहस नहीं कर सकती तो राज्य सरकार को तगोड़िया के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
दरअसल तगोड़िया ने बालटाल की घटना के लिए पूरी तरह से जम्मू-कश्मीर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रींय टीम से मामले की जांच करवाने की मांग की थी।
गत दिवस बालटाल में भड़की हिंसा में 40 लोग झुलस गए थे और यात्रियों के लिए लगाए गए तंबुओं को आग लगर दी थी जिसके कारण यात्रियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी थी।
बालटाल हिंसा के विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले उधमपुर के वकीलों ने एक दिन की हड़ताल रख कर राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
वकीलों ने इस हिंसा में घायल हुए लोगों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा देने की मांग की। वकीलों ने एसोसिएशन के सचिव जेडी सलाथिया के नेतृत्व में हड़ताल रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान साधु-संतों ने भी घटना का विरोध दर्ज कराया।
वहीं, जनरल बस स्टैंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रमेश कुमार, महासचिव राजन गुप्ता, सुदेश सूरी, सुरिंद्र रैली सहित अन्य पदाधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रियों को परेशान करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।