पौनी।शिवखोड़ी में इकट्ठा हुए श्रद्धालु।फोटो,संवाद।
- सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने शाम छह के बाद श्रद्धालुओं को बसों में कटड़ा जाने से रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
पौनी। ब्लॉक के आधार शिविर रनसु शिवखोड़ी में शुक्रवार देर शाम को रनसु बस स्टैंड के नजदीक बाहरी राज्यों के कुछ श्रद्धालुओं ने सड़क पर धरना दिया। दरअसल शिवखोड़ी धाम के दर्शन के बाद यह श्रद्धालु कटड़ा जाने के लिए बस अड्डे पर पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस व सीआरपीएफ ने उन्हें रोक दिया।
इस पर श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि उन्हें भोले बाबा के दर्शन के बाद उन्हें वापस कटड़ा के लिए यात्री बसों में रवाना नहीं होने दिया जा रहा। करीब छह बजे तक दर्शन करने के बाद वे बस स्टैंड में अपनी दो बसों व दो टैंपो ट्रैवलर के पास पहुंचे। वे अपनी गाड़ी में बैठे ही थे, तभी उन्हें जाने से रोक दिया गया। पुलिस और सीआरपीएफ का कहना था कि सुरक्षा कारणों से प्रशासन द्वारा शाम छह बजे के बाद यात्रियों को रनसु शिवखोड़ी से कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं है।
इसी बात को लेकर बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु भड़क गए। इसके बाद बस स्टैंड के निकट सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चला। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद श्रद्धालु शांत हुए। एसएचओ ललित शर्मा ने दावा किया कि यात्रियों के ठहरने व खाने की व्यवस्था करने के बाद यात्री शांत हुए। बाद में यात्रियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि हमारे से ही गलती हुई हो। यात्रियों का यह भी कहना है कि अगर यात्रा में छह बजे के बाद आने-जाने की अनुमति नहीं है तो ऐसी सूचना वाला साइन बोर्ड जगह-जगह प्रशासन को लगाना चाहिए ताकि यात्रियों को पता चल सके।
बीते वर्ष नौ जून को शिवखोड़ी से कटड़ा जा रही श्रद्धालुओं की बस पर कंडा में आतंकियों ने गोलियां बरसा कर श्रद्धालुओं को निशाना बनाया था। इस आतंकी हमले में नौ लोगों की हत्या कर दी गई थी औश्र 41 यात्री घायल हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए छह बजे के बाद शिवखोड़ी में यात्रियों और उनके वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी थी।
उधर, कांग्रेस नेता करणदीप सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि अगर पहलगाम में यात्रियों की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं तो यहां दिन-रात पुलिस कर्मियों तैनात क्यों नहीं हो सकते। क्यों यात्रा को छह बजे के बाद वापस जाने की अनुमति नहीं है।