जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
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रोहिंग्याओं समेत बांग्लादेश और म्यांमार के अवैध अप्रवासियों को जम्मू-कश्मीर से बाहर करने की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्यों को नोटिस जारी किया है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट (जम्मू विंग) में चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और ताशी राबस्तन की पीठ ने डिप्टी एडवोकेट जनरल रमण शर्मा के माध्यम से नोटिस जारी करते हुए कहा, दो सप्ताह में इस मामले पर पक्ष रखा जाए।
याची और भाजपा लीगल सेल के सदस्य एडवोकेट हुनर गुप्ता ने अदालत में याचिका पेश कर म्यांमार और बांग्लादेश के अनाधिकृत अप्रवासियों को राज्य से बाहर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। एडवोकेट गुप्ता ने रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में जांच करवाने की मांग की।
खंडपीठ के समक्ष दलीलें पेश करते हुए एडवोकेट सुनील सेठी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोग अवैध अप्रवासियों के तौर पर जम्मू-कश्मीर में बस गए हैं। सरकार के मुताबिक म्यांमार और बांग्लादेश से आए प्रवासियों की संख्या 13400 है, जबकि हकीकत में इनकी संख्या इससे कहीं अधिक है। बताया गया कि वर्ष 1982 में म्यांमार सरकार ने रोहिंग्याओं को अवैध अप्रवासी घोषित कर दिया था, जिसके बाद से संबंधित आबादी ने बांग्लादेश, थाइलैंड और पाकिस्तान का रुख करना शुरू कर दिया।