पीएचई विभाग के अस्थाई मुलाजिमों को दो वर्ष से वेतन नहीं मिल पाया है। अकेले सिविल विंग के मुलाजिमों का ही कुल सात करोड़ रुपये बकाया है।
इसे लेकर उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द वेतन की राशि जारी करवाई जाए। पीएचई विभाग कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मुलाजिमों को समझाने आए कार्यकारी अभियंता ने सफाई देते हुए ये
बातें कहीं।
अधिकारी ने कहा कि अस्थाई मुलाजिमों का हर महीने 27 लाख का वेतन बनता है। पिछले लंबित वेतन को मिलाकर वर्तमान में कुल राशि का आंकड़ा सात करोड़ है। इसे एक ही झटके में जारी करना मुमकिन नहीं है। अधिकारी ने कहा कि मुख्य अभियंता के साथ इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है।
उम्मीद है कि जल्द ही लंबित वेतन को चरणवार रूप से जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि विभाग के 75 फीसदी काम अस्थाई मुलाजिमों पर निर्भर करता है। उन्हें निकालना किसी भी सूरत में संभव नहीं लगता है। ऐसे में इस हालात से सरकार को अवगत करवा दिया गया है।