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जीएमसी में इलाज के लिए तड़पते रहे मरीज

Wed, 04 Feb 2015 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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गवर्नमेंट मेडिकल कालेज (जीएमसी) में पीजी डाक्टरों और रजिस्ट्रार डाक्टरों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने समेत अन्य मसलों को लेकर बुधवार को पीजी डाक्टरों ने कामकाज ठप रखा। इस वजह से इमरजेंसी में मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे। जूनियर और सीनियर डाक्टरों की ओर से मोर्चा संभालने के बावजूद भी मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
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हड़ताली डाक्टरों ने बीते दिन मंगलवार को पीजी पहले वर्ष की एक महिला डाक्टर और बिलावर से मरीज के साथ आए तीमारदारों के  बीच कहासुनी का कड़ा संज्ञान लेने के अलावा इमरजेंसी के बाहर महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किए जाने की मांग की।

मंगलवार की शाम मेडिकल विभाग के पीजी पहले वर्ष की एक महिला डाक्टर और बिलावर से मरीज के साथ आए तीमारदारों के बीच कहासुनी के बाद जमकर हंगामा होने और तीमारदारों की माफी के बावजूद मामला सुलझ गया था, लेकिन पीजी डाक्टर बुधवार सुबह इमरजेंसी के बाहर एकत्रित हुए और उन्होंने सुरक्षा को पुख्ता बनाने की मांग करते हुए कामकाज न करने का फैसला किया।
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दोपहर करीब बारह बजे पीजी डाक्टर अस्पताल के प्रिंसिपल डा. घनश्याम से मिले और उन्होंने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। प्रिंसिपल ने पीजी डाक्टरों को भरोसा दिलाया कि हर मरीज के साथ दो ही तीमारदार रहें, इसके लिए अस्पताल प्रशासन कदम उठाएगा।

उन्होंने कहा कि जहां तक बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात करने की बात है तो यह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। अभद्र व्यवहार मामले पर एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। बहरहाल पीजी डाक्टरों को भी मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों की भावनाओं को समझना चाहिए।
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बिना किसी नोटिस के हड़ताल ठीक नहीं है। प्रिंसिपल के कड़े शब्दों से पीजी डाक्टर नारेबाजी करते हुए बाहर निकल आए। देर शाम तक वह काम पर नहीं लौटे थे।
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