सुरक्षा के अभाव में जम्मू के टैंकर मालिक घाटी में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बहाल करने को राजी नहीं है। हां, घाट के आसपास कश्मीर संभाग के अन्य जिलों खासतौर पर बेल्ट फोर्स में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भेजी जा रही है।
इसके अलावा रोजाना पांच से छह टैंकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे चालकों के हौसले पस्त हो रहे हैं। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद तीन सप्ताह से घाटी में माहौल बिगड़े हुए हैं। श्री अमरनाथ से लेकर टैंकर चालकों और अन्य पैसेंजर वाहनों को प्रदर्शनकारियों द्वारा क्षति पहुंचाई जा रही है।
आल जेएंडके टैंक आनर एसोसिएशन से जुड़े टैंकरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पहले की अपेक्षा भले ही नुकसान कम हो रहा है, लेकिन सुरक्षा अभी तक मुहैया नहीं करवाई गई है। पंजाब के जालंधर और संगरूर से भी टैंकर मंगवाए गए हैं, लेकिन टैंकर चालक घाटी जाने के लिए तैयार नहीं है।
मालिकों की ओर से घाटी के आसपास हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भेजी जा रही है। एसोसिएशन के प्रधान आनन शर्मा के मुताबिक सुंबल और कंगन में अभी भी टैंकरों को क्षति पहुंचाई जा रही है। रोजाना पांच से छह टैंकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। शर्मा के मुताबिक अभी तक सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई है, जिस कारण बेखौफ होकर टैंकर नहीं भेज पा रहे हैं।