गांव गोविंदसर के नृसिंह मंदिर में भागवद् कथा के दौरान रविवार को श्रीकृष्ण जन्म की झांकी का आयोजन किया गया।
झांकी देखकर उपस्थित भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। सबने यशोदानंद की जय के जयघोष लगाए, जिससे मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय हो गया।
कथा वाचक ने भक्तों को श्रीकृष्ण जन्म के रहस्य के बारे में भी बताया। कथा वाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण प्रभु विष्णु के अवतार थे। उन्होंने धरती पर अवतार इसलिए लिया ताकि वह धर्म की स्थापना कर सकें।
अपने जन्म के साथ ही उन्होंने धर्म की स्थापना के लिए कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद महाभारत का युद्ध और फिर कई योद्धाओं को हराकर धर्म की स्थापना की।
उन्होंने कहा कि चाहे कंस हो या फिर द्रुपद का अहंकार श्रीकृष्ण ने हर समय अपने को धर्म स्थापना के कार्य से अलग नहीं होने दिया। वहीं शाम को भक्तों ने कीर्तन के साथ साथ प्रभु की आरती गाई और प्रसाद ग्रहण कर घरों को लौटे।