तंगमंर्ग के पर्यटन स्थल द्रंग जाने वाले रास्ते पर लगा नाका। अमर उजाला
अक्तूबर में फिर से शुरू होगा पर्यटन सीजन
श्रीनगर। पहलगाम हमले के करीब पांच महीने बाद भी बंद पड़े पर्यटन स्थलों को खोलने की मांग तेज हो गई है। अक्तूबर में शुरू होने वाले पर्यटन सीजन के चलते लोग अब चाहते हैं कि प्रतिबंध हटा दिए जाएं।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने अक्टूबर के महीने से पहले इन पर्यटन स्थलों को खोलने पर विचार करने की सरकार से अपील की। प्रमुख स्थलों तक पहुंच पर प्रतिबंध के कारण होटल व्यवसायी, ट्रैवल ऑपरेटर, टट्टू वाले और स्थानीय व्यापारी नुकसान से जूझ रहे हैं।
हितधारकों ने कहा कि प्रतिबंधों ने उनकी आजीविका को बाधित कर दिया है। दूधपथरी के एक टट्टू मालिक शब्बीर अहमद ने कहा कि हम सुरक्षा उपायों के खिलाफ नहीं हैं लेकिन गंतव्यों को अब खोल देना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के आर्थिक महत्व का हवाला देते हुए सरकार पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है। सैफुद्दीन भट सहित कुछ विधायकों ने सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।अधिकारियों ने प्रतिबंधित स्थलों को फिर से खोलने की कोई समय-सीमा नहीं बताई है।
जम्मू-कश्मीर होटलियर एसोसिएशन (जेकेएचए) के अध्यक्ष मुश्ताक चाया ने कहा कि अक्तूब में पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ पर्यटकों के लिए बंद पड़े कई स्थलों को खोलना जरूरी है।
तंगमंर्ग के पर्यटन स्थल द्रंग जाने वाले रास्ते पर लगा नाका। अमर उजाला