बाढ़ के बाद अब ग्रामीणों को भूकंप का खौफ सता रहा है। प्रकृति का कोप अभी तक कम नहीं हुआ है। अभी लोग भारी बारिश और बाढ़ से उबर भी नहीं पाए कि भूकंप के झटकों ने लोगों को हिला कर रख दिया। डोडा और भद्रवाह के लोगों को चिंता यह सता रही है कि वे आपदा से बचकर आखिर जाएं कहां?
बुधवार की रात साढ़े दस बजे आए भूकंप के तेज झटके से लोग चीखते-चिल्लाते हुए घरों से बाहर निकल आए। दहशत के मारे लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर बिताई। भारी बारिश और बाढ़ त्रस्त लोगों का भूकंप से कुछ नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन अक्सर ऐसे झटके झलने वाले यहां के लोगों को अनहोनी की आशंका होने लगी है।
बुधवार को आए भूकंप ने पूरी वादी को झकझोर कर रख दिया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.2 होने के कारण कई घरों में दरारें आ गईं। क्योंकि एक सप्ताह तक हुई भारी बारिश के कारण जमीन पूरी तरह से गीली है। ऐसे में भूकंप विनाशक साबित हो सकता है।
भद्रवाह में पिछले डेढ़ साल से आने वाले भूकंप के झटकों के कारण ऐसा कोई मकान नहीं है, जिसमें दरारें न पड़ी हों। लेकिन सरकार ने अठारह सौ रुपये पकड़ा कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।