भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कुछ दिनों से भले ही हालात सामान्य चल रहे हों, लेकिन पाकिस्तानी रेंजरों के बंकरों के आसपास अचानक बदले माहौल ने संदेह पैदा कर दिया है। इन दिनों पाकिस्तानी रेंजरों की हलचल लगभग नदारद है। यहां तक कि पाकिस्तान के अधिकतर निगरानी टावरों पर एक ही जवान दिखाई दे रहा है।
इस बदले माहौल के बीच अरनिया सेक्टर के सीमावर्ती गांवों के लोगों में एक बार फिर अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का मानना है कि सीमा पार ऐसा माहौल इसके पहले नहीं देखा। पाकिस्तान की कहीं यह कोई नई चाल तो नहीं हैं। दरअसल, पाकिस्तानी क्षेत्र में बंकरों और नो मैन लैंड के आसपास रेंजरों की चहलकदमी आम होती है।
लेकिन कुछ दिनों से इन दोनों स्थानों से रेंजरों की मौजूदगी नदारद है। निगरानी टावर पर ड्यूटी देने वाला रेंजर जरूर नजर आ रहा है। सरहद के उस पास ऐसे बदले माहौल को देख खुफिया एजेंसियां भी सकते हैं। एजेंसी के एक अधिकारी के मुताबिक इस संबंध में सूचना को सुरक्षा बल और एजेंसियों के आला अधिकारियों को दे दी गई है।
बॉर्डर पार दिख रहे सिर्फ किसान
खुफिया तंत्र का कहना है कि सीमा पार बंकरों के आसपास रेंजरों की गतिविधियां लगभग शून्य हैं, जबकि इन जगहों पर रेंजरों की हमेशा चहलकदमी रहती है। ये बदला माहौल आशंका जरूर व्यक्त करता है। इसके पीछे पाक रेंजरों की क्या मंशा हो सकती है, इसका अंदाजा लगा पाना कठिन है।
एजेंसियों के मुताबिक हालांकि, पाकिस्तानी क्षेत्र में किसानों को खेतों में काम करते जरूर देखा जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान के चारबा, ठीकरेयाली, बदोयाल, जरोयाल आदि गांवों में भी गतिविधियां सामान्य रहती हैं, जबकि वर्तमान में इसके उलट है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल के जवान पाकिस्तानी क्षेत्र में हर गतिविधि पर नजर रखे हैं।
बंकरों और नो मैन लैंड के आसपास पाक रेंजरों की गतिविधियां कम होना गंभीर बात है, लेकिन इस पर नजर है। सुरक्षा बल सरहद पर मुस्तैदी से तैनात है। वह पाकिस्तान की हर हरकत का जवाब देने को तैयार हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।