रियासत के कुदरती मौसम की तरह सियासी मौसम पर छाया कुहासा भी छंटने का नाम नहीं ले रहा है। अलबत्ता शनिवार को पीडीपी और भाजपा दोनों दलों ने सरकार बनाने के लिए किसी भी तरह की कोई शर्त नहीं रखी गई है।
दोनों दलों के नेताओं ने कहा है कि एजेंडा आफ अलांयस उनके लिए पवित्र दस्तावेज है। भाजपा जहां पीडीपी के प्रस्ताव का इंतजार कर रही है वहीं, पीडीपी फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोल रही है। इन्हीं सबके बीच कभी 10 माह के सरकार के कामकाज की समीक्षा की बात की जाती है तो कभी शर्तों की बात आ जाती है।
रविवार 31 जनवरी को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में कश्मीर संभाग की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं का मन टटोला जाएगा।