Farooq Abdullah and Omar Abdullah target bjp
- फोटो : बासित जरगर
जिला विकास परिषद के चुनाव में भले ही गुपकार गठबंधन को सीटों का लाभ हुआ हो, लेकिन उसके मत प्रतिशत वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले घट गया है। गठबंधन में शामिल प्रमुख दलों नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी का मत प्रतिशत भी गिर गया है। गठबंधन से सबसे ज्यादा नुकसान पीडीपी को हुआ है। केवल भाजपा ही ऐसे पार्टी है जो न सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है बल्कि उसने मत प्रतिशत में भी 2014 के विधानसभा चुनाव की तुलना में दो फीसदी का सुधार किया है। नेकां, पीडीपी के अलावा कांग्रेस का भी मत प्रतिशत घटा है।
चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा को 24.82 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में उसे 23 फीसदी मत मिले थे। नेकां को 16.46 प्रतिशत मत मिले जो 2014 के चुनाव से लगभग चार प्रतिशत कम है। पीडीपी को लगभग 19 प्रतिशत मतों का नुकसान उठाना पड़ा है। उसे डीडीसी चुनाव में 3.96 प्रतिशत मिले हैं। कांग्रेस को पांच प्रतिशत कम मत मिले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत हो रहे इस पहले चुनाव को इस मायने में भी देखना चाहिए कि किस पार्टी को मत प्रतिशत बढ़ाने में सफलता मिली है।
इस दृष्टि से भाजपा को ही सबसे ज्यादा लाभ मिलता दिख रहा है। इसका यह भी आशय है कि लोगों ने केंद्र तथा प्रदेश सरकार की नीतियों तथा कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति विश्वास जताया है। गुपकार गठबंधन में शामिल अलग-अलग दलों को मिले मत प्रतिशत उनके लिए सतर्क होने का भी मौका दे रही है क्योंकि 2014 के चुनाव से उनका मत प्रतिशत काफी कम है। उनके लिए संतोष की बात यह हो सकती है कि पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में मिले मतों के प्रतिशत से इस चुनाव में उनका प्रदर्शन सुधरा है।
भाजपा को 7.08 लाख लोगों के मत मिले
चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा को 708714, नेकां को 470099, कांग्रेस-394475, अपनी पार्टी-151331, पीडीपी-113175, पैंथर्स पार्टी-91817 तथा निर्दलियों व अन्य को 925798 मत हासिलहुए हैं। कुल 2855509 मत पड़े थे।
पिछले तीन साल का वोट प्रतिशत
- पार्टी 2014 2019 2020
- भाजपा 23.0 46.4 24.82
- नेकां 20.8 7.9 16.46
- पीडीपी 22.7 2.4 3.96
- कांग्रेस 18.0 28.5 13.82