कबीर ने कहा कि उन्होंने बुरहान वानी के साथ किए गए व्यवहार को लेकर विशेष रूप से कोई बात नहीं कही थी। उनका आशय यह था कि जब बुरहान वानी मारा गया था तब भाजपा के नेता उसके घर गए और परिवार को मुआवजा दिया था। उन्होंने कहा कि इसके पीछे क्या कारण था, इसे लोग खुद समझ सकते हैं।
यह पूछे जाने पर कि एक आतंकी को शहीद कहना कितना उचित है कबीर ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए किस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, यह अलग बात है। किसी को शहीद कहना मारा गया व्यक्ति कहना या कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल करना उनकी अपनी अभिव्यक्ति है। कबीर ने स्पष्ट किया कि बुरहान वानी को शहीद कहना उनकी व्यक्तिगत राय है।
भाजपा पर पीडीपी को धोखा देने का आरोप
पीडीपी नेता ने जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरकार में भाजपा को मनमानी नहीं करने दी थी। उन्होंने दावा किया कि महबूबा मुफ्ती ने भाजपा को अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी अपनी बात रखने की खुली छूट नहीं दी थी।
कबीर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पीडीपी के साथ विश्वासघात किया और गठबंधन सरकार गिरा दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इसके बाद कई मुश्किलों का सामना किया है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने पीडीपी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और मिलकर अपनी लड़ाई आगे बढ़ाने की अपील की।
2016 में मुठभेड़ में मारा गया था बुरहान वानी
बुरहान वानी कश्मीर घाटी में आतंकवाद का चर्चित चेहरा था। वह हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था और आठ जुलाई 2016 को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद घाटी में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे।