मेंढर के गुलध निवासी युवक की शिकायत पर एससीडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता के बताया कि आरोपियों ने पैसा डबल करने का दावा किया। भरोसे में आकर उसने अलग-अलग समय पर कुल 18.20 लाख रुपये आरोपियों को दिए। जांच में सामने आया कि 9.20 लाख रुपये अरफाना परवीन के संचालित लवली बुटीक के खाते में जमा करवाए। चार लाख रुपये आसिफ राशिद शेख के खाते, जबकि पांच लाख रुपये रिजवान अहमद शेख को नकद दिए। पैसा लेने के बाद तीनों ने वापस नहीं दिया। इसके बाद एससीडब्ल्यू में शिकायत की।
जांच में रिजवान को योजना का मुख्य संचालक पाया। उसके भाई-बहन ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल रकम जमा कराने के लिए किया। पीड़ित का भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसे पोस्ट डेटेड चेक दिए, लेकिन बैंक में बाउंस हो गए। एससीडब्ल्यू ने एफएसएल से जांच करवाई तो चेक पर हस्ताक्षर रिजवान और आसिफ के हस्ताक्षरों से मेल खाने की पुष्टि हुई। क्राइम ब्रांच ने बैंक रिकॉर्ड, चेक, एफएसएल रिपोर्ट और पीड़ित समेत अन्य गवाहों के बयान को चार्जशीट का आधार बनाया है।
ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा दे भाई बहन ने की ठगी, चार्जशीट दायर
ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर युवाओं को ठगने के आरोप में जानीपुर निवासी भाई-बहन के खिलाफ क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 13 एफसी जम्मू की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी पूनम शर्मा और आकाश शर्मा फ्यूचरिस्टिक एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाते थे और विदेश में नौकरी व वर्क वीजा दिलाने के नाम पर लोगों को ठगते थे। इस मामले में डिग्याना निवासी जसपाल सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
उन्होंने ईओडब्ल्यू को बताया कि बेटे को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने और वर्क वीजा लगवाने के लिए पूनम शर्मा को 2.30 लाख रुपये चेक दिया था।रकम लेने के बाद पूनम ने ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ड्रिलफिट एनर्जी क्वींसलैंड के नाम से एक फर्जी जॉब ऑफर लेटर भी दिखाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू ने जांच डीएसपी विशाल शर्मा को साैंपी।
जांच में फ्यूचरिस्टिक एजुकेशन कंसल्टेंसी के दस्तावेज की पड़ताल की। उप श्रम आयुक्त जम्मू से मिले रिकॉर्ड से पता चला कि कंसल्टेंसी का पंजीकरण 31 मार्च 2015 तक ही था। इसके बाद इसके संचालन के लिए वैध अनुमति या नवीनीकरण नहीं कराया। जांच में सामने आया कि आकाश कंसल्टेंसी का संचालक था। पूनम एजेंट का काम करती थी। दोनों विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को नौकरी और वीजा दिलाने का भरोसा दिलाते और रकम हड़पते थे। जांच में दोनों के पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है।