पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक चुनावी रैली में हजरत अली के बारे में की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने के लिए कहा है। पार्टी ने अन्य लोगों से राजनीतिक लाभ के लिए देश में धर्म और धार्मिक व्यक्तित्व का इस्तेमाल बंद करने का आग्रह किया है।
यूपी के सीएम ने हाल ही में मुस्लिम नेताओं के साथ कांग्रेस नेता कमलनाथ की बैठक से संबंधित वीडियो लीक होने के बाद उन पर निशाना साधा। वीडियो में कमलनाथ को मुस्लिम समुदाय का 90 फीसदी मतदान सुनिश्चित कराने के लिए कहते हुए देखा जा सकता है।
इसके बाद यूपी सीएम ने भोपाल में चुनावी रैली में कहा था कि कांग्रेस नेता कमलनाथ के बयान को पढ़ रहा था, उन्होंने कहा कि उन्हें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोट नहीं चाहिए। उन्हें केवल मुस्लिम वोट की आवश्यकता है। इस पर यूपी सीएम योगी ने कहा था कि आप अपने अली को अपने पास रखिए हमारे लिए बजरंग बली ही काफी हैं।
चुनावी भाषण में अली का नाम घसीटना निंदनीय
पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के दामाद हजरत अली का इस्लाम में ऊंचा स्थान है। उनका नाम चुनावी भाषण में घसीटना निंदनीय है। अख्तर ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा नेतृत्व व योगी आदित्यनाथ को उस भाषण के लिए निश्चित रूप से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, जिसमें राजनीतिक लाभ के लिए हजरत अली का नाम लिया गया। उन्होंने कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियां शासन और विकास की बात करने के बजाए अपने भाषण से यह बताने की कोशिश करती हैं कि मुस्लिम ही एकमात्र समस्या है, जिसका देश सामना कर रहा है। पीडीपी नेता ने कहा कि राजनीतिक परिदृश्य में देश के 20 करोड़ मुसलमानों की उपेक्षा नहीं की जा सकती है। मुस्लिमों ने इस देश के लिए अपना खून बहाया है और वह देश की संपदा हैं।