मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के छत्तरगाम में बुधवार को हुई मुठभेड़ में लश्कर कमांडर नवीद जट के साथ मारे गए दूसरे आतंकी की भी शिनाख्त हो गई है। मारा गया दूसरा आतंकी सोपोर का था। पुलिस कंट्रोल रूम श्रीनगर द्वारा पुलवामा और सोपोर के दो परिवारों को शिनाख्त के लिए बुलाया गया था।
पुलवामा वाले परिवार ने सीधे तौर पर उनका बेटा होने से नकार दिया। सोपोर के न्यू कालोनी के परिवार ने अपने बेटे मेहराजुद्दीन सोफी उर्फ मारूफ होने का दावा किया। पुलिस ने बताया कि शव का डीएनए कर परिवार को उसका शव सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार मेहराज आतंकी बनने से पहले ओजीडब्ल्यू था। गिरफ्तारी के चार दिन बाद ही वह पांच अक्तूबर 2018 को सोपोर पुलिस स्टेशन से फ रार हो गया था। वह 6 अक्तूबर से संगठन में सक्रिय था।
जनाजे के दौरान भड़की हिंसा, आठ घायल
मेहराज के जनाजे में काफी संख्या में लोग सोपोर के इकबाल मार्केट में एकत्रित हुए। यहां जैसे ही जनाजा खत्म हुआ तो युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसक झड़पों में आठ लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। सोपोर के अन्य कई हिस्सों में भी बंद रहा।