फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर में पीडीपी-एनसी-कांग्रेस को बड़ा झटका, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा

Wed, 21 Nov 2018 03:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर की अप्रत्याशित राजनीति में एक नई सुगबुगाहट शुरू हुई है। रियासत में पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। इसे नेशनल कांफ्रेंस की ओर से समर्थन दिए जाने की भी चर्चा है। दोनों पार्टियों ने वर्ष 2002 व 2007 में भी मिलकर सरकार बना चुकी हैं। वर्तमान विधानसभा में पीडीपी के पास 28, नेकां के पास 15 तथा कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं।

विज्ञापन


ये तीनों यदि मिल गए तो बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़ा यानी 44 का जादुई संख्या बल आसानी से हासिल हो जाएगा। जबकि भाजपा के पास 25 विधायक हैं। नेकां के सूत्रों ने बताया कि पार्टी गठबंधन में शामिल होने की इच्छुक नहीं है, लेकिन पीडीपी-कांग्रेस को बाहर से समर्थन देने से परहेज नहीं है। 

यदि ऐसा गठबंधन अस्तित्व में आता है तो महबूबा को छोड़कर पीडीपी का कोई वरिष्ठ नेता सरकार का नेतृत्व कर सकता है। यदि धुर विरोधी पीडीपी और नेकां एक फ्रंट पर आते हैं तो यह रियासत की सियासत के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। 
विज्ञापन


कांग्रेस-पीडीपी-एनसी गठबंधन पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम पार्टियों का ये कहना था कि क्यों ना हम इक्ट्ठे हो जाये और सरकार बनाए। अभी वो स्टेज सरकार बनाने वाली नहीं है। एक सुझाव के तौर अभी बातचीत चल रही है।

2014 में भी नेकां ने पीडीपी को की थी पेशकश

वर्ष 2014 में जब किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा नहीं मिला था तो नेकां ने पीडीपी को समर्थन की पेशकश की थी, लेकिन पीडीपी ने इसकी अनदेखी करते हुए भाजपा के साथ हाथ मिला लिया था। 20 जुलाई 2018 को रियासत में गठबंधन सरकार गिरने के बाद पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन ने पीडीपी के नाराज नेताओं से भाजपा संग गठबंधन के लिए संपर्क साधा था। इनमें पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी भी थे। हाल ही में श्रीनगर नगर निगम के मेयर के रूप में नेकां के मुख्य प्रवक्ता रहे जुनैद मट्टू को पदस्थापित कराने में लोन सफल रहे।

19 दिसंबर को खत्म हो रहा गवर्नर रूल
ज्ञात हो कि रियासत में राज्यपाल शासन 19 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति शासन के आसार हैं। हालांकि, राज्यपाल ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति शासन के बाद भी विधानसभा को भंग नहीं किया जाएगा। 
विज्ञापन

जम्मू कश्मीर विधानसभा की स्थिति

87 कुल सीटें
44 चाहिए बहुमत के लिए
28 पीडीपी
25 भाजपा
15 नेशनल कांफ्रेंस
12 कांग्रेस
07 अन्य
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें