वर्ष 2014 में जब किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा नहीं मिला था तो नेकां ने पीडीपी को समर्थन की पेशकश की थी, लेकिन पीडीपी ने इसकी अनदेखी करते हुए भाजपा के साथ हाथ मिला लिया था। 20 जुलाई 2018 को रियासत में गठबंधन सरकार गिरने के बाद पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन ने पीडीपी के नाराज नेताओं से भाजपा संग गठबंधन के लिए संपर्क साधा था। इनमें पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी भी थे। हाल ही में श्रीनगर नगर निगम के मेयर के रूप में नेकां के मुख्य प्रवक्ता रहे जुनैद मट्टू को पदस्थापित कराने में लोन सफल रहे।
19 दिसंबर को खत्म हो रहा गवर्नर रूल
ज्ञात हो कि रियासत में राज्यपाल शासन 19 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति शासन के आसार हैं। हालांकि, राज्यपाल ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति शासन के बाद भी विधानसभा को भंग नहीं किया जाएगा।