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Kashmir: विलय दिवस पर महबूबा मुफ्ती का तंज, छुट्टी नहीं, समझौते का बुनियादी हक चाहिए

Thu, 27 Oct 2022 04:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

महबूबा मुफ्ती ने सरकारी आवास छोड़ने को लेकर दिए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई बड़ा मसला नहीं, मुझे सरकारी आवास छोड़ा है, वह इसे कभी भी छोड़ सकती हैं।
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Mehbooba Mufti - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में विलय दिवस पर कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ अक्सेशन’ के दस्तावेज पढ़ने होंगे। उन्होंने कहा कि 2019 के फैसले को बदलना होगा। महबूबा ने कहा, हमें गुजरात मॉडल नहीं चाहिए और न छुट्टी चाहिए। हमें वह हिंदुस्तान चाहिए, जिसके साथ 1947 में समझौता हुआ था। 

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पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा विलय दिवस पर जश्न मना रही है। अलगाववादियों को मुख्यधारा से जुड़ने की बात कर रही है। हुर्रियत या मुख्यधारा आज का मकसद नहीं है। आज का मकसद है ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ अक्सेशन’। अगर मोदी सरकार चाहती है कि जम्मू-कश्मीर का रिश्ता जायज तरीके से भारत के साथ बना रहे तो पांच अगस्त, 2019 का फैसला बदलना होगा। 

महबूबा ने कहा, आज के दिन छुट्टी देने से कुछ नहीं होता, बल्कि इससे तो यह रिश्ता नाजायज बन जाता है। महबूबा मुफ्ती ने सरकारी आवास छोड़ने को लेकर दिए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई बड़ा मसला नहीं, मुझे सरकारी आवास छोड़ा है, वह इसे कभी भी छोड़ सकती हैं।
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वहीं, यूके में भारतीय मूल के प्रधानमंत्री को लेकर उन्होंने कहा, जब तक भारत में मोदी सरकार नहीं बनी थी, यहां भी धर्म निरपेक्षता थी, यहां का राष्ट्रपति मुस्लिम होता था और प्रधानमंत्री सिख था। भाजपा ने भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि जो यूके में हुआ वह एक मिसाल है, लेकिन भारत के लिए यह कोई नई बात नहीं है। यहां भी ऐसा होता होता था। जब से गुजरात मॉडल आया है तब से यहां देश में सब कुछ बदल गया है।

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