लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के चुनाव से पहले भाजपा और पीडीपी ने अलग अलग राग अलापा। चुनाव भी अलग लड़ा। भाजपा ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा तो पीडीपी ने आठ सीटों पर।
दोनों दलों के उम्मीदवार एक दूसरे के खिलाफ भी लड़े। नतीजतन लगातार दो बार की विजेता कांग्रेस को परिषद का गठन करने की हैट्रिक का मौका नहीं मिला।
शपथ ग्रहण समारोह में पीडीपी और भाजपा के प्रमुख नेताओं ने लेह में भाजपा की शानदार जीत के लिए एक दूसरे को बधाई दी और शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने तो लेह की जनता को सही फैसला लेने पर तारीफ की। हालांकि इस चुनाव में पीडीपी खाता भी नहीं खोल पाई।
चुनाव विशेषज्ञों की माने तो भाजपा पीडीपी के एक दूसरे के खिलाफ आठ सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने से कांग्रेस को नुकसान हुआ।
भाजपा ने कुल 26 सीटों में से 18 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर दो तिहाई बहुमत हासिल किया। कांग्रेस केवल पांच सीटें ही जीत पाई। नेकां को दो सीटें मिली और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना हैं कि लेह परिषद में भाजपा ने नया अध्याय लिखा है। कांग्रेस का सफाया होने से अब रियासत के हर क्षेत्र में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार का शासन हो गया है।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के विधायक दल के नेता एवं अपने लेह परिषद में चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाले नवांग रिगझिन जोरा शामिल नहीं हुए।