नई सरकार के गठन की संभावनाओं पर छाया सियासी कोहरा छंटने लगा है। तेजी से बदलते समीकरणों के तहत अब पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार का गठन लगभग तय माना जा रहा है।
गवर्नर से मुलाकात के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भाजपा से गठबंधन के साफ संकेत दिए, लेकिन वार्ता की मेज पर शर्तों को तय किया जाना अभी बाकी है।
पीडीपी ने 55 विधायकों के समर्थन की बात कहकर भाजपा पर सियासी दबाव भी बनाया है। पीडीपी के संकेतों पर भाजपा ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
उधर, भाजपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं के देख कांग्रेस और नेकां सक्रिय हो गई है। कांग्रेस के रियासत अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार के गठन पर चर्चा की।
नेकां ने विधायक दल की बैठक कर भावी रणनीति पर विचार विमर्श किया है।
अभी नहीं सौंपा समर्थन पत्र
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गवर्नर से मुलाकात कर 55 विधायकों के समर्थन का दावा किया। यह अलग बात है कि उन्होंने संबंधित दलों और विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं सौंपा।
इस संख्या में पीडीपी के 28 विधायकों के अलावा कांग्रेस के 12 और नेकां के 15 विधायक शामिल हैं। महबूबा ने कहा कि पीडीपी के लिए सिर्फ सरकार बनाना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कश्मीर में शांति और विकास के लिए भी काम करना है।
उन्होंने शांति बहाली के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किए प्रयासों की सराहना की और वर्तमान जनादेश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अवसर बताया।
इससे पहले मोदी कश्मीर में वाजपेयी की नीतियों को आगे बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं। जाहिर है महबूबा और मोदी का एजेंडा एक बिन्दु पर मिलता दिख रहा है।
शांति के बिना विकास संभव नहीं
महबूबा ने माना कि चुनाव नतीजे निर्णयक हैं पर जनादेश बिखरा है। जम्मू में भाजपा को जनादेश मिला है और कश्मीर में पीडीपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
महबूबा ने कहा कि वाजपेयी ने हुर्रियत नेताओं से बातचीत शुरू की थी और पाकिस्तान से सीजफायर समझौता भी किया था। मोदी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं लेकिन विकास तभी संभव है, जब जमीन पर शांति हो।
जनादेश के सम्मान के साथ मेल मिलाप का भाव भी जरूरी है। बगैर इसके सरकार गठन बेमतलब है। मोदी सरकार पर यह बड़ी जिम्मेदारी है।
नेहरू से लेकर अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के लिए कश्मीर बड़ी चुनौती रही है। मोदी के विकास और रोजगार के सपने पर महबूबा ने कहा कि यह वाजपेयी की नीतियों से ही संभव है।
कांग्रेस-पीडीपी मेल की उम्मीद कम
महबूबा ने कहा कि वाजपेयी ने जम्मू कश्मीर को उधार आर्थिक पैकेज दिया था। यूपीए सरकार ने कुछ दिन तक उसे जारी रखने के बाद बंद कर दिया। यूपीए की आलोचना कर महबूबा ने कांग्रेस के साथ नहीं जाने के संकेत दिए।
भाजपा आज सौंपेगी प्लान
गवर्नर से भाजपा नेताओं की विधिवत मुलाकात वीरवार को होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि वह राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का प्लान सौंपेंगे।
भाजपा को सबसे अधिक 23 प्रतिशत वोट मिले हैं और 30 विधायकों के साथ यह सबसे बड़े समूह का नेतृत्व कर रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा के भाजपा के साथ गठबंधन के संकेतों को उन्होंने सकारात्मक बताते हुए कहा कि फैसला केंद्रीय नेतृत्व लेगा।
उमर सात जनवरी को तय करेंगे रणनीति
नेकां के कार्यवाहक अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला 6 जनवरी को लंदन से लौटेंगे और सात को विधायक दल की बैठक में रणनीति तय करेंगे। इस बीच महासचिव अली मोहम्मद सागर ने विधायकों के साथ बैठक में उनका मन टटोला है।
राज्यपाल से मिले सोज
कांग्रेस के रियासत अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने गवर्नर से मुलाकात कर सरकार गठन पर चर्चा की । उन्होंने सरकार के गठन में कश्मीर की भावनाओं का ध्यान रखने की अपील की है।
उनका जोर गैर भाजपा सरकार पर है। सोज ने कहा कि गेंद पीडीपी के पाले में है। उन्होंने मुलाकात को शिष्टाचार बताया।