लेह के एसएनएम अस्पताल में गुरुवार को एक संदिग्ध मरीज की मौत होने से काफी अफरा-तफरी फैल गई थी। बताया जा रहा था कि मरीज की मौत कोरोनावायरस की वजह से हुई है। लेकिन अगले ही दिन लद्दाख प्रशासन ने इन खबरों का खंड कर दिया। प्रशासन का कहना है कि मरीज की मौत फेफड़ों की बीमारी की वजह से हुई थी न कि कोरोनावायरस की वजह से।
एक अधिकारी ने बताया कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसका क्षेत्र के बाहर यात्रा का कोई इतिहास नहीं रहा है, ऐसे में उसके कोरोनावायरस से संक्रमित होने का सवाल ही नहीं उठता है।
बता दें अभी भी अस्पताल में एक संदिग्ध मरीज भर्ती है। हालांकि जांच में उसके सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। संदिग्ध मरीजों को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सतर्कता बढ़ाई गई है। इस बीच वुहान, चीन से जम्मू-कश्मीर में स्थानीय विद्यार्थियों का लौटने का सिलसिला जारी है।
लेह के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। इसमें कोरोनावायरस के लक्षणों से पीड़ित मरीजों पर खास ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें संदिग्ध मरीजों के प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा सभी जरूरी सैंपल लिए जा रहे हैं। लेह के स्वास्थ्य निदेशक फुंगचुक अंगुचुक ने बताया जिस मरीज की मौत हुई है, उसका चीन से कोई इतिहास नहीं मिला है। वह सामान्य नमूनिया से पीड़ित था।