पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार में मंत्री रहे अब्दुल गनी कोहली की ओर से वन भूमि पर अवैध रूप से एजूकेशन कॉंप्लेक्स बनाए जाने का जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। जम्मू के मंडलायुक्त और वन विभाग के मुख्य संरक्षक से जानकारी मांगी गई है कि वह इस जमीन की पूरी जानकारी दस्तावेज के साथ एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं।
सुंजवां इलाके में 10 कनाल जमीन पर कोहली ने बीएड, ईटीटी कॉलेज, पैरा मेडिकल कॉलेज और अन्य कुछ बनाया हुआ है। एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट में याचिका दायर कर कोहली के खिलाफ एफआईआर लगाने की मांग की थी। 2016 में यह मामला उठाया गया था।
गुरुवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताछी रबस्टन की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। इसके बाद आदेश दिए गए कि अधिकारी मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण करें। कोर्ट ने जानना चाहा कि कैसे वन भूमि को किसी के नाम कर दिया गया। साथ ही व्यावसायिक इमारतें बनाने की अनुमति दे दी गई।
स्कूल बोर्ड के सचिव को भी नोटिस जारी किया गया कि वह बताएं कि वन भूमि पर कैसे कॉलेज चलाने की अनुमति दे दी गई। इसके साथ ही राजस्व विभाग के सचिव को भी नोटिस जारी किया गया कि कैसे वन भूमि को किसी निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया।