पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों की वेरिफिकेशन में होने वाली देरी पर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य पुलिस को निर्देश देते हुए मुफ्ती ने कहा कि वेरिफिकेशन वक्त पर होनी चाहिए और पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए।
मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने महसूस किया है कि वेरिफिकेशन में देरी और पासपोर्ट की कठिन प्रक्रिया आम लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए एक सिस्टम तैयार करें, ताकि ऐसे मामलों का वक्त पर और जल्द निपटारा हो।
मुफ्ती ने बुधवार को डीजीपी पुलिस के राजिंद्रा और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पासपोर्ट और कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जेलों में बंद राजनीतिज्ञों को जल्द छोड़ने के भी निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन नेताओं पर किसी प्रकार का कोई मामला दर्ज नहीं है, उन्हें जेलों से जल्द रिहा किया जाए। ताकि सभी पार्टियों में एक अच्छा संदेश जाए। पुलिस को अनुशासन कर पाठ पढ़ाते हुए मुफ्ती ने कहा कि पुलिस का रोल लोगों को सुरक्षा मुहैया कराना है।
ऐसे में लोगों की मदद करें, उन्हें डराकर नहीं, उनके साथ अपना बनकर काम करें। पुलिस और आम लोगों का संपर्क इस तरह से होना चाहिए कि बिना हिचक के हर एक बात हो। लोगों बिना किसी डर और एक उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचे।
हज पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मामलों को भी वक्त से पहले निपटाने के लिए कहा गया है। अपराध और यातायात प्रबंधन के लिए लगाए गए अधिकारियों की प्रोफेशनल स्किल पर भी बल दिया गया है। ताकि दोनों में ही अच्छी तरह से काम हो।
हाईवे पर आने वाले समय में प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिससे अच्छी तरह से निपटना होगा। वहीं आत्म समर्पण करने वाले और रिहा हुए आतंकियों के पुनर्वास के लिए भी एक व्यापक नीति बनाने के लिए कहा गया है। इसके लिए हेल्पलाइन स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए।