जम्मू। जम्मू रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर देश विदेश से आने वाले यात्रियों के रेपिड एंटीजन कोविड टेस्ट की अनिवार्यता समाप्त हो सकती है। पिछले 11 माह से टेस्टिंग समेत अन्य कड़ी पाबंदियों को फरवरी से वापस लिया जा सकता है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर वर्तमान में रोजाना औसतन एक से दो के बीच ही संक्रमित मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से दोनों जगहों पर कोविड टेस्टिंग को बंद करने की सिफारिश की है। फरवरी में प्रभावी हो रही प्रदेश स्तर की नई गाइडलाइन में इस व्यवस्था को वापस लेकर स्वास्थ्य विभाग की पचास से अधिक टीमों को विभाग में वापस भेजा जा सकता है।
वर्तमान में जम्मू रेलवे स्टेशन पर 30 टीमें वैकल्पिक व्यवस्था में काम कर रही हैं। यहां छह बूथ स्थापित हैं, जिसमें चौबीसों घंटे यात्रियों की रेपिड एंटीजन कोविड टेस्टिंग की जा रही है। कुछ समय पहले ट्रेनों का आवागमन बहाल होने के बाद जम्मू रेलवे स्टेशन पर रोजाना 2500-3000 यात्री पहुंच रहे हैं, लेकिन पिछले हफ्ते से कोई भी यात्री संक्रमित नहीं मिला है। यहां रोजाना 11-12 ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। इसी तरह जम्मू एयरपोर्ट पर 24 टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में 2-3 चिकित्सा कर्मी शामिल हैं। एयरपोर्ट पर रोजाना 750-800 यात्रियों का आवागमन हो रहा है। यहां पहुंचने वाले संक्रमित मरीजों की दर न के बराबर है। देशभर में कोविड संक्रमण के मामलों में गिरावट से जम्मू रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर भी संक्रमित मामलों में भारी गिरावट देखी गई है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन को मौखिक तौर पर दोनों जगहों पर रेपिड एंटीजन टेस्टिंग बंद करने को कहा गया है, ताकि इतनी टीमों को दूसरे कामों में लगाया जा सके। पल्स पोलियो अभियान के लिए भी पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारी ने बताया कि कोविड टेस्टिंग में भारी स्टाफ के लगने से कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम भी प्रभावित हुए हैं।