जम्मू। पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण मामले में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक समेत अन्य आरोपियाें पर औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। मामले में तीन मार्च को अभियोजना पक्ष आरोपियों के खिलाफ सुबूत पेश करेगा। इस मामले में आरपीसी की धारा 364, 368, 120 बी, 3/4 टाडा एक्ट और इंडियन आर्म्स एक्ट 7/27 के तहत चार्ज लगाए गए हैं।
वर्ष 1989 में रुबिया सईद का अपहरण हुआ था। रुबिया की रिहाई के बदले अलग-अलग जेलों में बंद पांच आतंकी छोड़ने पड़े थे। इस केस में यासीन मलिक समेत अन्य के खिलाफ केस चल रहा था। शुक्रवार को टाडा कोर्ट के स्पेशल कोर्ट सुनित गुप्ता ने विशेष सरकारी वकील मोनिका कोहली की सीबीआई की तरफ से दलीलें सुनने के बाद आरोप तय किए। यासीन मलिक को छोड़कर बाकी सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए। 3 मार्च को प्रतिवादी पक्ष इसमें सबूत पेश करेगा। आरोप तय करते हुए जज ने कहा कि यासीन मलिक आपने और अन्य ने 1989 में दिसंबर के पहले सप्ताह में रुबिया का अपहरण करने की साजिश रची। इसका उल्लेख पेश की गई चार्जशीट के कॉलम एक और दो में किया गया है। जानबूझ कर पांच आतंकियों हामिद शेख, अल्ताफ अहमद, नूर मोहम्मद, जावेद अहमद और शेर खान की रिहाई के लिए अपहरण किया गया। यह सब आतंकी तब अलग-अलग जेलों में बंद थे।
मुश्ताक के घर रची थी साजिश
आठ नवंबर को मुश्ताक लोन के घर मोहम्मद रफीक डार, अली मोहम्मद मीर, इकबाल अहमद, मुश्ताक अहमद लोन, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मिरा उद दीन, शौकत अहमद, जावेद मन्हास, सलीम, रियाज अहमद, खुर्शिद अहमद, बशारत रहमान, तारिक अशरफ, शफाकत अहमद, मंजूर अहमद और मंजूर इस्लाम सबक मुश्ताक अहमद लोन के घर जमा हुए। वहीं पर रुबिया का अपहरण करने की साजिश रची गई। रुबिया जब श्रीनगर के ललदेद अस्पताल से अपने घर लौट रही थी, तभी अपहरण किया गया। मोहम्मद जमन मीर को छोड़कर बाकी सब अस्पताल के गेट पर पहुंच गए। सभी अलग-अलग समूह में बंट गए। रुबिया अपनी दोस्त नरगिस अंद्राबी के साथ जब वापस आई तो पिस्तौल दिखाकर उसका अपहरण कर लिया गया। अपहरण के वक्त रुबिया एक मिनी बस में थी। मिनी बस के चालक के कान के पास भी पिस्तौल रखी गई थी। इसके बाद रुबिया को एक कार में ले जाया गया और एक पुराने घर में रखा गया। इसके बाद दो जगहों पर रुबिया को शिफ्ट किया गया। पांच आतंकी छोड़े जाने के बाद ही रुबिया को छोड़ा गया। जेएनएफ