रोजाना 650 से 700 ओपीडी, वाहनों से एंबुलेंस की आवाजाही में आ रही परेशानी, जिला अस्पताल में रोजाना होती है 650 से 700 ओपीडी
सांबा। कस्बे में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण जिला अस्पताल परिसर में बेतरतीब वाहन खड़े किए जा रहे हैं। कई लोग अपने वाहन अस्पताल में पार्क कर बाजार चले जाते हैं, जिससे अस्पताल में अव्यवस्था बनी रहती है और एंबुलेंस के लिए रास्ता बाधित हो जाता है।
जिला अस्पताल में रोजाना 650 से 700 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनके साथ तीमारदारों की भी आवाजाही रहती है। इसके अलावा, अस्पताल के कर्मचारियों के अपने वाहन भी पार्किंग में जगह घेर लेते हैं। बिना किसी नियोजित पार्किंग व्यवस्था के, जगह-जगह खड़े वाहनों से मरीजों, डॉक्टरों और आपातकालीन सेवाओं को आने-जाने में परेशानी होती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अस्पताल परिसर में उचित पार्किंग की व्यवस्था करने और अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि एंबुलेंस और मरीजों को किसी भी तरह की बाधा न हो।
जिला अस्पताल हमारे वार्ड में है, हमने कई बार जिला प्रशासन को इस बारे में कहा है कि कस्बे में कोई स्थाई पार्किंग बनाई जाए।
संजय पाधा, पूर्व पार्षद नगरपालिका सांबा।
पार्किंग के लिए हमने चार स्थान जिला प्रशासन को चिन्हित करवाए थे। वहां पर पार्किंग बनाई जा सकती थी। मगर कोई उचित कार्रवाई नही की गई, पार्किंग नहीं होने से जिला अस्पताल में भी वाहनों की भीड़ रहती है।
पवन कोहली, पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद सांबा।
जिला अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ रहती है। यदि कोई एमरजेंसी मरीज को लाना हो तो बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण मरीजों को लाने में दिक्कतें रहती हैं। कम से कम कस्बे में एक स्थायी पार्किंग बनाई जाए।
सुनील गुप्ता, स्थानीय निवासी सांबा।
जिला अस्पताल की नई इमारत के नीचे पार्किंग की व्यवस्था है। इसमें डॉक्टरों के वाहन पार्क किए जाते हैं। पार्किंग की कमी है। एंबुलेंस के लिए अलग से स्थान रखा गया है। पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है, ताकि इमरजेंसी में एंबुलेंस के निकलने की समस्या न बने।
डॉ. मोहिंदर कुमार, अधीक्षक जिला अस्पताल सांबा।