भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बने तनावपूर्ण हालात के बीच ग्रामीणों का चैन छिन गया है। पाकिस्तान द्वारा पिछले दिनों की गई गोलाबारी के बाद से ग्रामीणों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। सीमा सुरक्षा बल ने बाकायदा हिदायतें जारी कर दी हैं कि ग्रामीण घरों से निकलते समय दीवार अथवा सुरक्षित स्थानों की ओट लें।
इस बीच जीरो लाइन के बिल्कुल नजदीक स्थित गांवों से ग्रामीणों ने गर्भवती महिलाओं और मरीजों को अपने स्तर पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। पुलिस प्रशासन सीमावर्ती इलाके के हालात पर नजर रखे हुए है। प्रशासन ने हालात बिगड़ने की सूरत में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना बनाई है।
बॉर्डर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में हालात फिर से नाजुक हो गए हैं। फिलहाल पलायन तो नहीं किया गया है, लेकिन कुछ गांवों से गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सुरक्षित स्थानाें पर शिफ्ट किया गया है।
बीएसएफ की ओर से कहा गया है कि ग्रामीण घर से निकलें तो दीवार की ओट में ही आवाजाही करें, क्योंकि सरहद पार से किसी भी समय गोलीबारी हो सकती है।
भारत भूषण ने बताया कि तारबंदी के उस पार की गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। ग्रामीणों को केवल तारबंदी के इस पार ही खेतीबाड़ी से संबंधित गतिविधि एहतियात के साथ अंजाम देनी पड़ रही है।
उधर जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में जब भी गोलीबारी होती है, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के विकल्प पर विचार किया जाता है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक योजना तैयार है।