जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के बाद राज्य सरकार ने रविवार को पंचायत चुनाव की भी घोषणा कर दी है। नौ चरणों में चुनाव होंगे। जम्मू और कश्मीर संभाग में 58 लाख से अधिक मतदाता वोट का इस्तेमाल करेंगे। पंच और सरपंच के चुनाव सीधे तौर पर होंगे। मतदान बैलेट के आधार पर होंगे, जिसके लिए दो रंग के मतपत्र होंगे। 17, 20, 24, 27 और 29 नवंबर व एक, चार, आठ और 11 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। जम्मू संभाग में केवल आठ चरणों में चुनाव होंगे। नौवें चरण में केवल कश्मीर संभाग में मतदान होगा। मतदान सुबह 8 से दोपहर दो बजे तक होगा। मतों की गिनती मतदान की समाप्ति के बाद होगी। चुनाव प्रक्रिया 17 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) शालीन काबरा की ओर से रविवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई।
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सीईओ ने बताया कि रियासत के 316 ब्लाक में 4490 पंचायत हलका हैं। इनमें 35096 पंच निर्वाचन क्षेत्र के लिए 5812429 मतदाता वोट डालेंगे। नियमों के तहत पंच व सरपंच सीटों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं को उर्दू व अंग्रेजी में वोटर स्लिप उपलब्ध कराई जाएगी कि मतदाता सूची में उनका नाम किस नंबर पर है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन इस महीने के आखिर तक होने की उम्मीद है। मतदान को सकुशल व शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए आब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी। नामांकन से लेकर मतदान व मतगणना तक प्रत्येक कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। चुनाव को लेकर सुरक्षा के भी सभी प्रबंध किए जाएंगे।
चुनाव गैर दलीय आधार पर
पंचायत चुनाव गैर दलीय आधार पर होंगे। यानी इसमें पार्टियों की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारे जाएंगे और न ही पार्टी के झंडे तथा बैनर का इस्तेमाल होगा। प्रत्येक मतदाता पंच और सरपंच के लिए अलग-अलग वोट डालेगा।
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आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सभी ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता प्रभावी रहेगी। यह सभी प्रत्याशियों, राजनीतिक पार्टियों तथा राज्य व केंद्रीय सरकार के कार्यालयों पर प्रभावी होगा।
सरपंच के लिए 20 और पंच के लिए पांच हजार खर्च सीमा
पंचायत चुनाव के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय कर दी गई है। सरपंच पद के लिए 20 हजार और पंच के लिए पांच हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। प्रत्येक प्रत्याशी को दिन प्रति दिन के खर्च का हिसाब रखना होगा। इसके लिए खर्च रजिस्टर तैयार क रना होगा। खर्च पर निगरानी के लिए आब्जर्वर की तैनाती की जाएगी।
कश्मीरी पंडितों के लिए पोस्टल बैलेट
कश्मीरी पंडितों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था रहेगी। जम्मू, उधमपुर, दिल्ली में रहने वाला मतदाता संबंधित पंचायतों के लिए पोस्टल बैलेट के जरिये अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकता है।
मतदाता पहचान पत्र
चुनाव में पहचान पत्र के आधार पर ही मतदाता को वोट डालने दिया जाएगा। इसके लिए जिन मतदाताओं को वोटर आई कार्ड वितरित कर दिए गए हैं वे इसके जरिये ही वोट डालेंगे। जिनके पास वोटर आई कार्ड नहीं होगा उनके लिए विकल्प की व्यवस्था की जाएगी।
बर्फबारी वाले इलाके में पहले चरण में मतदान
चुनाव कार्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया है कि जिन स्थानों पर पहले बर्फबारी होती है उन स्थानों पर पहले चरण में मतदान रखा गया है। इसमें कश्मीर संभाग के बांदीपोरा, बारामुला, बडगाम, गांदरबल, कारगिल, कुपवाड़ा, लेह, श्रीनगर के साथ ही जम्मू संभाग के डोडा, कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रामबन व उधमपुर के पहाड़ी इलाकों को रखा गया है।
नेकां-पीडीपी ने किया है बहिष्कार
अनुच्छेद 35-ए पर स्थिति स्पष्ट करने को लेकर कश्मीर आधारित पार्टियों नेकां व पीडीपी ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है। अलगाववादियों ने चुनाव में भाग न लेने को कहा है। इसके साथ ही आतंकियों ने भी धमकी दी है। इन सबके बावजूद राज्यपाल प्रशासन ने चुनाव का एलान किया है। हालांकि, राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने चुनाव में भाग लेने की सभी दलों से अपील की है।