भारत-पाक नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सेना और बीएसएफ की लगातार चौकसी के बाद पाकिस्तानी आतंकियों ने घुसपैठ का तरीका बदल दिया है। अब सुरंगों के माध्यम से भी घुसपैठ हो रही है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा इस आशय की आशंका जताए जाने के बाद सेना ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
सेना के सूत्रों के मुताबिक अब आतंकी घुसपैठ का परंपरागत रूट बदल रहे हैं। सेना और सुरक्षा एजेंसियों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-ताइबा के कई प्रमुख कमांडरों के मारे जाने के बाद अब स्थानीय युवकों की आतंकी संगठन में भर्ती भी बढ़ी है।
आमतौर पर ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद घुसपैठ के प्रयास कम हो जाते थे। इस दौरान पाकिस्तानी सीमा और एलओसी से सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं भी कम हो जाती थीं। लेकिन इस बार ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बावजूद सीजफायर का उल्लंघन कम नहीं हुआ है।
सेना के सूत्र इसके लिए कम बर्फबारी को कारण मानते हैं। आशंका है कि आने वाले दिनों में सीजफायर उल्लंघन और घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं। सांबा समेत जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में पहले भी सुरंग मिले हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आतंकियों ने नई सुरंगें बना ली हैं।