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पाक ने एलओसी पर तैनात किए टैंक, कोहरे की आड़ में घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना अलर्ट

Sat, 21 Dec 2019 01:14 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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नियंत्रण रेखा के उस पार पाकिस्तान की ओर से गतिविधयां तेज करने और सौनिकों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद भारतीय सेना ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। बता दें कि तीन दिन पहले यहां के दौरे पर आए भारतीय सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के बयान के बाद पाक सेना ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। 

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सूत्रों के अनुसार, इस क्रम में पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर सैनिक बढ़ाने के अलावा टैंकों को भी तैनात किया गया है। इसे देखते हुए जिले में एलओसी से सटे इलाकों में भारतीय सेना अलर्ट है और अपनी गश्त भी बढ़ा दी है। सूत्र बताते हैं कि यदि पाकिस्तानी सेना एलओसी पर कोई भी गैरवाजिब हरकत करती है तो उसे करार जवाब दिया जाएगा। 

पलांवाला सेक्टर से घुसपैठ की साजिश
सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा पर पांच-छह दिन से छाए घने कोहरे के बीच पाकिस्तान घुसपैठ कराने की साजिश रच रहा है। संघर्ष विराम के उल्लंघन के अलावा पाकिस्तानी सेना की हाल में बढ़ी हुई हरकतों से आशंका है कि पाकिस्तानी सेना बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है।
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बता दें कि बीती 16 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना ने धुंध और कोहरे की आड़ में सीमा पर बैट हमला करवाया था, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया था। बैट टीम को सीमा पार करने और हमले के बाद वापस जाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने कवर फायर भी दिया था। इसमें एक जवान शहीद हो गया था।

कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ अफसरों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के आदेश, नहीं सुना जाएगा कोई बहाना

CRPF Jawans - फोटो : Social Media
  • देरी के लिए रेल या हवाई उड़ानें रद्द होने का बहाना नहीं सुना जाएगा, सड़क मार्ग से आकर संभालें सुरक्षा  
  • श्रीनगर नहीं पहुंचने पर हवाई जहाज से जम्मू पहुंच कर रिपोर्ट करें
  • अगले कई महीने लागू रहेगा आदेश, सड़क मार्ग पर सुरक्षा नियमों के पालन में कोताही न बरतें 
  • नागरिकता संशोधन कानून के संभावित विरोध के मद्देनजर बरती जा रही ऐहतियात 

सीमा पर लगातार बढ़ रहे तनाव, घुसपैठ की आशंका और कश्मीर घाटी में नागरिकता संशोधन कानून के संभावित विरोध के मद्देनजर सुरक्षा बल नए सिरे से रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारी की गई है। 

इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जम्मू-कश्मीर में तैनात कमांडेंट और उससे ऊपर की रैंक के सभी अधिकारियों को फौरन अपने तैनाती स्थल पर ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया है। सीआरपीएफ स्पष्ट रूप से कहा है कि रेल या हवाई उड़ान रद्द होने जैसे बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सीआरपीएफ ने कहा है कि ये आदेश अगले कई महीने तक लागू रहेंगे। 

सीआरपीएफ जम्मू-कश्मीर में सेना के साथ मिलकर अंदरूनी इलाकों में कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही है। नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर अभी तक जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर में इस मुद्दे पर संभावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अलर्ट पर हैं।
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हवाई उड़ानें या ट्रेनें रद्द हैं तो भी इंतजार न करें

शुक्रवार को देश के अन्य हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बल और सतर्क हो गए हैं। उन्हें अंदेशा है कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नियंत्रण में चल रही कानून-व्यवस्था की स्थिति को इस मुद्दे पर दूसरा रूप दिया जा सकता है।

एक वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी स्टाफ और अधिकारी हवाई उड़ान या ट्रेनें रद्द होने से प्रभावित नहीं होना चाहिए। सीआरपीएफ की तरफ से कहा गया है कि श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट या रेल रद्द होने की स्थिति में सभी अधिकारियों को हवाई जहाज से जम्मू पहुंचकर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उन्हें किसी भी हालत में दिल्ली में नहीं अटकने का आदेश देते हुए सड़क मार्ग के प्रयोग का भी आदेश दिया गया है। 

हालांकि फोर्स ने यह भी निर्देश दिया है कि सड़क मार्ग का प्रयोग करते समय सुरक्षा और बचाव के लिए तय प्रक्रिया का पालन करने में कोताही न बरती जाए। डीआईजी स्तर के अधिकारियों को श्रीनगर पहुंचने के लिए ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करने को कहा गया है।
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