- देरी के लिए रेल या हवाई उड़ानें रद्द होने का बहाना नहीं सुना जाएगा, सड़क मार्ग से आकर संभालें सुरक्षा
- श्रीनगर नहीं पहुंचने पर हवाई जहाज से जम्मू पहुंच कर रिपोर्ट करें
- अगले कई महीने लागू रहेगा आदेश, सड़क मार्ग पर सुरक्षा नियमों के पालन में कोताही न बरतें
- नागरिकता संशोधन कानून के संभावित विरोध के मद्देनजर बरती जा रही ऐहतियात
सीमा पर लगातार बढ़ रहे तनाव, घुसपैठ की आशंका और कश्मीर घाटी में नागरिकता संशोधन कानून के संभावित विरोध के मद्देनजर सुरक्षा बल नए सिरे से रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारी की गई है।
इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जम्मू-कश्मीर में तैनात कमांडेंट और उससे ऊपर की रैंक के सभी अधिकारियों को फौरन अपने तैनाती स्थल पर ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया है। सीआरपीएफ स्पष्ट रूप से कहा है कि रेल या हवाई उड़ान रद्द होने जैसे बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सीआरपीएफ ने कहा है कि ये आदेश अगले कई महीने तक लागू रहेंगे।
सीआरपीएफ जम्मू-कश्मीर में सेना के साथ मिलकर अंदरूनी इलाकों में कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही है। नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर अभी तक जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर में इस मुद्दे पर संभावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अलर्ट पर हैं।
शुक्रवार को देश के अन्य हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बल और सतर्क हो गए हैं। उन्हें अंदेशा है कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नियंत्रण में चल रही कानून-व्यवस्था की स्थिति को इस मुद्दे पर दूसरा रूप दिया जा सकता है।
एक वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी स्टाफ और अधिकारी हवाई उड़ान या ट्रेनें रद्द होने से प्रभावित नहीं होना चाहिए। सीआरपीएफ की तरफ से कहा गया है कि श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट या रेल रद्द होने की स्थिति में सभी अधिकारियों को हवाई जहाज से जम्मू पहुंचकर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उन्हें किसी भी हालत में दिल्ली में नहीं अटकने का आदेश देते हुए सड़क मार्ग के प्रयोग का भी आदेश दिया गया है।
हालांकि फोर्स ने यह भी निर्देश दिया है कि सड़क मार्ग का प्रयोग करते समय सुरक्षा और बचाव के लिए तय प्रक्रिया का पालन करने में कोताही न बरती जाए। डीआईजी स्तर के अधिकारियों को श्रीनगर पहुंचने के लिए ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करने को कहा गया है।