पिछले दो माह में लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर लगातार फायरिंग और भारी नुकसान से पाकिस्तान त्रस्त हो गया। यही कारण है कि लगभग एक साल के बाद वह ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग को तैयार हुआ।
16 कोर के जनरल आफिसर इन कमांड (जीओसी) आरआर निंभोरकर ने स्वीकार किया कि मीटिंग में पाकिस्तान चिंतित नजर आया। उनकी ओर काफी नुकसान हुआ है, इसलिए चिंता भी स्वाभाविक है।
पाक की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन करने का मुद्दा मीटिंग में उठाए जाने के संबंध में निंभोरकर ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से एलओसी पर शांति बनाने की बातचीत हुई। उन्होंने माना कि दोनों ओर एलओसी के करीबी तक सिविलियन रह रहे हैं और गोलाबारी में उन्हें नुकसान हो रहा है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यही था। दोनों ओर के नागरिकों को सुरक्षित रखना है। 2003 में हुए सीजफायर के समझौते के पालन को दोनों देश राजी हुए हैं।