भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना की हलचल बढ़ने के साथ पाक क्षेत्र के गांवों को भी पूरी तरह से खाली करा लिया गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार की पाकिस्तानी सेना ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। सीमा के साथ लगने वाले गांवों को खाली करा दिया है। पहले ग्रामीणों की हलचल देखी जाती थी, लेकिन गत दिनों से ग्रामीणों की हलचल बंद है। सिर्फ मस्जिदों में नमाज पढ़ने की आवाज आती है।
सूत्रों के अनुसार की पाक की सुकमाल लांचिंग पैड से गत दिनों पाक रेंजरों ने घुसपैठ कराने का प्रयास किया था, जिसे बीएसएफ जवानों ने विफल कर दिया। भारतीय सेना ने गोलाबारी का जवाब दिया था, जिसमें एक आतंकी और सात पाक रेंजर ढेर हो गए थे। उसी क्षेत्र के निकट पाकिस्तान का एक बड़ा गांव भी है। अब वह गांव भी खाली है।
सूत्राें के अनुसार की आरएस पुरा और अरनिया क्षेत्र में हो रही गोलाबारी के कारण सीमा के साथ लगते पाक के अन्य गांव भी खाली हो चुके हैं। भारतीय सेना ने भी दूसरी पंक्ति में अपने बंकराें की सफाई शुरू कर दी है। पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारतीय सेना पूरी तैयारी में है। पाकिस्तान के शार्ट शूटरों से बचने के लिए बीएसएफ जवानों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है।
ग्रामीणों को गोलाबारी के पुराने दिन आने लगे याद
पाकिस्तान की सीमा पर बीएसएफ चौकस
- फोटो : Amar Ujala
सांबा जिले के सीमावर्ती क्षेत्राें के ग्रामीण एक बार फिर चिंता में डूब गए हैं। उन्हें आशंका है कि एक बार फिर से पहले जैसे बुरे दिन न लौट आएं जब हर रोज पाक रेंजरों की ओर से गोलीबारी की जाती थी। तब घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। आईबी से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित गांव मंगू चक्क की चौपाल पर पीपल के नीचे बैठे बुजुर्ग एवं बच्चे सीमा की और कान गढ़ाए हुए थे।
नंबरदार पूरण सिंह, बाबू राम आदि ने बताया कि जब भी सीमा पर पाक की ओर से कोई हरकत की जाती है तो उन्हें चिंता सताने लगती है कि उन्हें फिर से पुराने दिन न देखने पड़ जाएं। उन्होंन बताया कि गत वर्ष भी पाक रेंजरों ने उनके गांव को निशाना बनाने का प्रयास किया था। गोले गांव के ऊपर निकल गए थे।
घरों में गिरते हैं पाकिस्तान के दागे गए गोले
सीमा पर दहशत
- फोटो : File Photo
उनके अनुसार जब गोलीबारी तेज हो गई थी तो उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था। गांव ऊंचाई पर है, ऐसे में जब पाकिस्तान से गोले दागे जाते हैं तो ये घरों में गिरते हैं। उनकी मजबूरी बन गई है सीमा पर रहने की, अब वह जाएं तो जाएं कहां।
अब जीना मरना ही इसी गांव के साथ है। गौरतलब है कि इसी गांव में गत वर्ष पाक द्वारा दागा गया एक गोला पोली देवी के घर में गिरा था, जिससे पोली देवी की मौत और उनका बेटा घायल हो गया था।