पाकिस्तान लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पैदा हुए तनाव का फायदा उठाकर कश्मीर में हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा है। वह बड़े स्तर पर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में है। ताकि आतंकी कश्मीर में हिंसा की साजिश को अंजाम दे सकें। वह कश्मीर के अलावा अन्य जगहों पर भी ऐसा करना चाहता है।
एलएसी पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की। बैठक में तमाम सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने लद्दाख के हालात के बीच जम्मू-कश्मीर में सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर बातचीत की और इससे निपटने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया।
डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान लद्दाख के हालात का लाभ उठाना चाहता हैं। खुफिया रिपोर्टस कहती हैं कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद तीनों ने दहशतगर्दी की घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है।
ऐसे में बॉर्डर, एलओसी और एलएसी पर मौजूद बीएसएफ, आईटीबीपी, सेना को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जबकि आतंरित सुरक्षा पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर संभालेंगी। आतंकी संगठन घुसपैठ कराकर कश्मीर और अन्य जगहों पर हिंसा फैलाने चाहते हैं। यह एक बड़ी चुनौती है। जिसका हम सबको मिलकर सामना करना होगा। हाईवे पर सुरक्षा मजबूत करने, पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ सभी उपायों को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
डीजीपी ने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही हैं और हमें ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। कश्मीर घाटी में हिंसा की गतिविधियों को तेज करने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के किनारे सीमा पार लांच पैड पर तीन सौ से ज्यादा आतंकवादी तैयार हैं। बैठक में लगातार सीजफायर तोड़ने और उस पार मौजूद आतंकी कैंपों को लेकर भी चर्चा की गई।
जम्मू समेत कई एसएसपी ने इनपुट किए साझा
कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, राजोरी पुंछ, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के एसएसपी ने भी इन सीमांत जिलों के इनपुट सांझा किए। सबको अपने-अपने क्षेत्र में पूरी तरह से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। डीजीपी ने कहा कि सभी एजेंसियों ने पहले भी आतंकवाद से मिलकर सामना किया है। जिसकी बदौलत हमें सफलता भी मिली है। इसे आगे भी जारी रखना होगा।