नौशेरा में भारतीय सेना द्वारा चौकियां तबाह किए जाने के बाद पाकिस्तान सेना की ओर से एलओसी पर हलचल तेज हो गई है। बारामुला से नौशेरा तक एलओसी पर पाकिस्तान ने पेट्रोलिंग तो बंद कर दी है, लेकिन अग्रिम पोस्टों पर जवानों की संख्या बढ़ा दी है। टैंक भी तैनात किए जा रहे हैं।
फारवर्ड पोस्ट के बाद पीओके स्थित सुरक्षा के दूसरे घेरे में पाकिस्तानी कैंपों में भी हलचल नोट की गई है। सेना के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान सियाचिन में भारतीय सेना को उलझाकर एलओसी पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। सियाचिन के पास पाकिस्तान वायु सेना की उड़ानें इसी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।
सियाचिन में भारतीय सेना मजबूत स्थिति में है। सेना के लगभग 10 हजार जवान आधुनिक हथियारों से लैस हैं। भारतीय कैंप ऊंचाई पर हैं और पाकिस्तान के कैंप सियाचिन में नहीं होकर उससे कुछ दूरी पर हैं। लिहाजा पाकिस्तान की ओर से सियाचिन में किसी हिमाकत की संभावना कम है।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान सेना ने एलओसी पर हलचल तेज की थी, लेकिन वह महज दिखावा साबित हुआ था। पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नगरोटा में सैन्य शिविर पर फिदायीन हमला कराया था। नौशेरा में भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से फिदायीन हमले कराए जा सकते हैं।
पाकिस्तान की गतिविधियों पर रखी जा रही है नजर
एलओसी पर तैनात जवान
- फोटो : फाइल फोटो
सेना के सूत्रों के मुताबिक एलओसी पर पाकिस्तान की हर हरकत पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इजरायली उपकरणों की मदद से एलओसी के उस पार पाकिस्तान सेना की तैयारियां देखी गई हैं। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की तैयारियां पहले से कर रखी हैं। कारगिल युद्ध के बाद से ही कई भारतीय पोस्टों पर स्थायी रूप से टैंक तैनात हैं।
पिछले दिनों भी कुछ पोस्टों को टैंकों का कवर दिया गया था। राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित उपकरण भी एलओसी पर लगाए गए हैं। भारतीय पोस्टों पर स्वाति की तैनाती से पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलाबारी का सटीक लोकेशन मिल जाता है, जिससे जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान होगा।
अग्रिम पोस्टों पर स्नाइपर शाट का खतरा
सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवान
- फोटो : फाइल फोटो
नौशेरा की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर शाट से भारतीय जवानों को निशाना बनाए जाने का खतरा बढ़ गया है। 740 किलोमीटर लंबी एलओसी पर स्थित फारवर्ड पोस्टों पर इस बाबत एहतियात बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना सीधी कार्रवाई से बचते हुए घुसपैठ के जरिये आतंकी भेजकर फिदायीन हमले की रणनीति पर ज्यादा जोर दे रही है। इसलिए घुसपैठ रोकने के लिए पुख्ता तैयारियां की गईं हैं।