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पाकिस्तानी सेना ने 100 से ज्यादा अफगान लड़ाकों को किया भर्ती, कश्मीर में आतंकी हमले का नापाक इरादा

Wed, 25 Sep 2019 02:05 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर
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अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाए जाने से बौखलाया पाकिस्तान हर मंच पर भारत के हाथों मुंह की खाने के बाद भी बाज नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पटरी पर लौट रही जम्मू-कश्मीर की फिजाओं में एक बार फिर से अशांति फैलाने की पाकिस्तान की मंशा है, ताकि वह दुनिया को बता सके कि भारत सरकार के फैसले के बाद घाटी में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। 
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इसके लिए उसने घाटी में 100 दुर्दांत अफगानी आतंकियों की घुसपैठ कराकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई है। इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने अपने सभी दूतावासों में कश्मीर डेस्क की भी स्थापना की है ताकि भारत सरकार के पांच अगस्त के फैसले के विरोध में प्रोपेगैंडा चला सके।  

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान का मानना है कि कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की सही से ट्रेनिंग न होना और सेना द्वारा ज्यादातर कमांडरों को ढेर किए जाने से उनकी कमर टूट गई है, ऐसे में अपने नापाक मंसूबों को अमली जामा पहनाने के लिए उसकी अफगानिस्तान के खतरनाक आतंकियों को कश्मीर में घुसपैठ कराने की योजना है।
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सैन्य सूत्रों के मुताबिक, उनके पास पुख्ता जानकारी है कि पाकिस्तान आगामी कुछ हफ्तों में 100 दुर्दांत आतंकियों को घुसपैठ करा सकता है। सूत्रों का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के भाई मुफ्ती रौफ असगर ने 19 और 20 अगस्त को बहावलपुर स्थित जैश के हेडक्वार्टर में शीर्ष आतंकियों के साथ बैठक की। इसमें मुख्य एजेंडा कश्मीर में दुर्दांत आतंकियों की घुसपैठ कराने का था।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक 100 दुर्दांत आतंकियों के अलावा जैश-ए-मोहम्मद के करीब 15 आतंकी एलओसी के करीब लिपा घाटी में स्थित आतंकी लॉन्च पैड में कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने को तैयार बैठे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन आने वाले दिनों में देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला कर सकते हैं। 

मालूम हो कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी लगातार भारत को लेकर भड़काऊ बयान दे रहे हैं। वह यह तक कह चुके हैं कि पुलवामा जैसे हमले दोबारा हो सकते हैं।
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