जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आरएस पुरा सेक्टर में तैनात जवानों ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। सीमा पार की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। जवान किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी में हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सीमा से सटे गांवों में तीन दिन से सन्नाटा देखा जा रहा है। हालांकि रात के समय हलचल देखी जा रही है। ऐसा अंदेशा है कि पाकिस्तान सीमा पर सेना की तैनाती कर रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्र के भारतीय ग्रामीण रमेश शर्मा, कुलदीप राज, चौ. यशपाल आदि ने कहा कि दो दिन से पाकिस्तान क्षेत्र के लोग अब खेतों में काम करने नहीं पहुंच रहे हैं। यही नहीं पाकिस्तान की मस्जिदों से अंजान तक नहीं सुनाई दे रहा है। शायद पाक सेना ने लाउड स्पीकर बंद करवा दिए हैं।
उन्होंने कहा कि रात के समय पाकिस्तान क्षेत्र में काफी हलचल देखी गई, जिससे पता चलता है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पर सेना तैनात की जा रही है। सीमांत गांव चंदू चक्क के चौ. कृष्ण लाल, अब्दुल्लियां गांव के अवतार सिंह, सरदारी लाल, दीपक चौधरी आदि का कहना है कि जिस प्रकार पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला किया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
अब पाकिस्तान को सबक सिखाने को का समय है। शहादत पाने वाले जवानों का तभी बदला पूरा हो सकता है, जब पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया जाएगा।