केंद्र की कोरी ना, लेकिन सरकारें मेहरबान
आरटीआई में केंद्रीय गृह विभाग से भी इसकी जानकारी मांगी गई। पूछा गया कि केंद्र की तरफ से अलगाववादियों को क्या सुविधाएं दी जाती हैं और इन पर कितना खर्च होता है। केंद्रीय गृह विभाग ने आरटीआई में बताया कि केंद्र की तरफ से अलगाववादियों को कुछ नहीं दिया जाता। राज्य सरकार ही उनको सबकुछ उपलब्ध कराती है। अतीत की किसी सरकार ने कभी अलगाववादियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
बेशुमार प्रापर्टी के मालिक
नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 20 अलगाववादी नेताओं की सूची बनाई है। इनमें सईद अली शाह गिलानी, मीरवायज उमर फारूक, यासिन मलिक, शब्बीर शाह आदि का नाम है। इन लोगों के पास बेशुमार संपत्ति है। गिलानी के बेटे और दामाद के नाम पर दुबई में संपत्ति है। सोपोर और डोरू मेें दो मंजिला घर। दिल्ली में फ्लैट हैं। इसके अलावा मीरवायज फारूक की दिल्ली, दुबई में 100 करोड़ के करीब संपत्ति है। यासिन मलिक की पाकिस्तान, कश्मीर और दुबई में 100 करोड़ के करीब संपत्ति है। शब्बीर शाह के पास 120 करोड़ के करीब संपत्ति है। अलगाववादियों की संपत्ति के बारे में एनआईए की ओर से व्यापक जानकारी जुटाई जा रही है।