सूत्रों की मानें तो करमाड़ा क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास अभी बैट टीम के सदस्य मौजूद हैं। इनका लोकेशन लेने के लिए पाकिस्तानी सेना के तीनों हेलीकाप्टरों ने नियंत्रण रेेखा के इस प्रकार आकर उड़ान भरने का दुस्साहस किया।
आशंका जताई जा रही है कि ये हेलीकाप्टर पाकिस्तान बैट टीम के सदस्यों को खाद्य सामग्री व हथियार देने आए हों। सूत्रों के अनुसार करमाड़ा में जिस बैट टीम ने रविवार को भारतीय सेना की चौकी पर हमला करने का प्रयास किया था, उसके सभी सदस्य वापस अपने ठिकानों पर नहीं पहुंचे हैं।
ये हेलीकाप्टर उन्हें तलाश करने अथवा उन तक खाने पीने का सामान और हथियार पहुंचाने के लिए आए थे। इतना ही नहीं इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान अपने तीन हेलीकाप्टर को इस प्रकार नियंत्रण रेखा के पास उड़ान भरवाकर पाकिस्तान भारतीय सेना की प्रतिक्रिया देखना चाहता हो।
भविष्य में पाकिस्तानी सेना किसी दूरदराज की भारतीय चौकी के पास सीधे बैट टीम को उतारकर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने के अपने मंसूबों को सफल बनाने का प्रयास कर सकती है।
दहशत में सीमा से सटे इलाकों के लोग
पाकिस्तानी सेना के तीन हेलीकाप्टरों के इस पार आने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी दहशत है। लोगों का कहना है कि यह पहला मौका है कि जब पाकिस्तानी सेना के हेलीकाप्टर नियंत्रण रेखा पर हमारे क्षेत्र में चक्कर काट कर लौट गए हैं। इससे पहले पाकिस्तानी सेना के हेलीकाप्टर नियंत्रण रेखा पर अपनी तरफ ऊंचाई वाली चौकियों तक ही उड़ान भरते थे।
हेलीकाप्टरों को देख लोग घरों से निकले
पुंछ। पाकिस्तानी सेना के तीन हेलीकाप्टरों को बुधवार को भारतीय क्षेत्र में बहुत नीचे उड़ान भरते देख बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। गांव दिगवार निवासियों मंगतराम शर्मा और सुनील कुमार का कहना है कि यह पहला मौका है जब हमने अपने इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के हेलीकाप्टरों को इतने नीचे उड़ते देखा है।