पाक की नापाक हरकतों से केवल भारत देश के जवान का ही नही बल्कि सीमा के किसानों का भी परेशान है। पाक जब भी सीमा से सटे इलाकों में सीजफायर का उल्लंघन करता है तो सीमा के आस-पड़ोस के किसानों का भी भारी नुकसान होता है। भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बार्डर पर लगाई गई किसानों की फसल पर पाकिस्तान की नापाक नजर है।
पाकिस्तान भारतीय किसानों से पहले फसल बोता है और पहले काटता लेता है लेकिन जब भारतीय किसान फसल की बिजाई करने लगें या काटने लगे तो गोलाबारी करने लगता है। यहीं एक कारण है कि पाकिस्तान ने बार्डर पर फायरिंग करना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए बीएसएफ ने किसानों को हिदायत जारी कर दी है कि वह फसल काटने का काम जल्द निपटा लें।
एक आरएस पुरा को छोड़ दिया जाए तो बाकी के बार्डर पर धान की गैर बासमती फसल लगाई जाती है, जो लगभग पककर तैयार है। जम्मू, सांबा और कठुआ के तीन जिलों में बार्डर पर 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर धान लगाई गई है। यह इलाका बार्डर की हद में आता है। फसल काटने को लेकर किसानों के मन में दुविधा है कि पता नहीं कब फायरिंग शुरू हो जाए।
पाकिस्तान ने एक दिन पहले ही परगवाल सेक्टर में गोलाबारी की। गोले सीमा पर खड़ी धान की फसल में आकर गिरे हैं। दरअसल, पाकिस्तान ने अपने इलाके में काफी फसल काट ली है। अब जब भारतीय किसानों की बारी आई तो वह सीमा पर गोलीबारी करके फसल काटने नहीं दे रहा। जिससे भारत के किसान चिंता में हैं।