भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कटड़ा में वर्ष 2005 में रुस्तम-ए-इंटरनेशनल दंगल की शुरुआत की गई थी। नवरात्र महोत्सव के दौरान वर्ष 2012 तक लगातार आठ साल पाकिस्तान से 6-7 पहलवान दंगल में शिरकत करते रहे ।
पिछले चार साल में सुरक्षा कारणों से पाक पहलवानों को नहीं बुलाया जा सका है। जेएंडके इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन के प्रधान शिव कुमार शर्मा का कहना है कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए दंगल से प्रयास किए गए थे, लेकिन पिछले कुछ साल से सीमा पर हालात अनुकूल नहीं रहे हैं। पाकिस्तानी टीम को बुलाने का मामला गृह मंत्रालय के पास रहता है।
2013 से बंद है पाकिस्तान को न्योता देने का सिलसिला
कुश्ती
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वर्ष 2013 में पाकिस्तानी सैनिकों के भारतीय जवानों के सिर कलम करने की घटना पर दंगल में पाकिस्तानी पहलवानों को न्योता नहीं दिया गया।
वर्ष 2014 में भी सीमा पर लगातार सीजफायर के उल्लंघन से सुरक्षा की दृष्टि से पाकिस्तानी पहलवानों को गृह मंत्रालय ने अनुमति नहीं दी। पिछले साल भी सीजफायर के लगातार उल्लंघन से पाकिस्तानी पहलवानों को नहीं बुलाया गया। पाक की नापाक हरकतों से दंगल के माध्यम से चलाए जा रहे मिशन दोस्ती को झटका लगा है।
महिला पहलवान भी दिखाएंगी दम
दंगल
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नवरात्र महोत्सव में करवाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय दंगल में महिला पहलवान भी दम दिखाएंगी। इसके लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से तीन-तीन तथा जेएंडके से चार पहलवान प्रस्तावित हैं।
इसमें घाटी से भी महिला पहलवान शिरकत करेंगी। यह लगातार तीसरा साल होगा, जब महिला पहलवानों को भी कटड़ा अंतरराष्ट्रीय दंगल में मौका दिया जाएगा।