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पाकिस्तान को भारत की दोस्ती स्वीकार करनी होगी : महबूबा

Mon, 07 Nov 2016 06:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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Mehbooba Mufti - फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का कहना है कि वाजपेयी के फार्मूले से ही कश्मीर में शांति आएगी। सोमवार को जम्मू में दरबार खुलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। भारत ने हमेशा दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।
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पाकिस्तान को इस दोस्ती को मान्यता देने के साथ ही इसे स्वीकार करना होगा। महबूबा ने उम्मीद जताई कि उम्मीद है कि जल्द समस्या हल होगी और शांति आएगी। महबूबा ने  कहा कि वाजपेयी ने कारगिल के बाद भी पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को आगरा समिट के लिए बुलाया। फिर वे लाहौर भी गए।

उनके जाने से सीजफायर का उल्लंघन रुका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नवाज शरीफ को बुलाया। लाहौर भी गए, लेकिन, दुर्भाग्य से सीजफायर उल्लंघन नहीं रुका। बार्डर पर हालात काफी खराब हैं। 70 साल से लोग गोलाबारी का दर्द झेल रहे हैं। स्कूल तक बंद करने पड़े हैं।  गोलाबारी हो रही है। 
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आतंक का दामन थामने वाले युवाओं की घर वापसी के लिए प्रयासरत

लोगों को संबोध‌ित करतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने कहा कि केंद्र में काफी शक्तिशाली सरकार है। उसकी सबसे बड़ी ताकत बर्दाश्त करने की क्षमता है। उम्मीद है कि जल्द समस्या होगी।आतंकवाद का दामन थामने वाले स्थानीय युवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी घर वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद तथा आतंकियों से निबटने में सुरक्षा बल और पुलिस सक्षम हैं। जब घाटी में हजारों आतंकी थे तब इन्होंने अच्छे तरीके से स्थिति को नियंत्रित किया। अभी तो कुछ विदेशी आतंकियों सहित 200-300 आतंकी ही सक्रिय हैं।

अलगाववादियों द्वारा आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए आठ नवंबर को बैठक बुलाए जाने संबंधी सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि यह गलत व्यक्ति से सवाल किया जा रहा है। इसका जवाब अलगाववादियों से ही पूछा जाना चाहिए। 
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सप्ताह भर में अच्छे संकेत के उम्मीद

महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर हिंसा का सबसे अधिक असर पढ़ाई पर पड़ा है। कई स्कूल जला दिए गए। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए कई बच्चों ने जम्मू में दाखिला लिया है।

हिंसा के दौरान थोड़ा बहुत कारोबार हुआ। दुकानें भी खुलीं। लेकिन, स्कूल बिल्कुल बंद पड़े रहे। सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में अच्छे संकेत मिलेंगे।
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