सीमांत गांव में करीब 20 हजार हेक्टेयर पर फसल लगाई जानी है। इसके लिए खेतों में पानी डालकर कदवान किया गया है, जिसमें धान लगाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए बाहरी राज्यों से श्रमिकों को बुलाया गया है। लेकिन गोलाबारी से श्रमिक काम करने को तैयार नहीं। एक श्रमिक गोलाबारी में घायल हो गया। इसके बाद सीमांत इलाकों से मजदूरों ने पलायन कर दिया है।
आरएस पुरा क्षेत्र के करीब पचास गांव में गोलाबारी की वजह से फसल लगाने का काम प्रभावित हुआ है। बरसालपुर गांव के ज्ञान सिंह का कहना है कि खेतों में धान लगाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। लेकिन एन मौके पर पाक गोलाबारी ने सब कुछ तहस नहस कर दिया। अब तो खेतों में जाने से भी डर लग रहा है। हालांकि गोलाबारी के बावजूद कुछ किसान फसलों में धान लगाने की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन धान के लिए मजदूर नहीं मिल रहे।
गांव बासपुर बंगलों के पूर्व सरपंच और राज्य बासमती ग्रोवर्स एसोसिएशन के प्रधान चौधरी देव राज ने कहा कि एन मौके पर पाक गोलाबारी ने फसल पर प्रहार किया है। अब मजदूर ही नहीं तो फसलें लगाएंगे कैसे। इस वर्ष बारिश होने से उम्मीद थी कि वक्त पर फसल लग जाएगी। किसानों ने तैयारी कर ली थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब किसानों की फसल नहीं लग पाएगी। क्योंकि मजदूर काम करने को तैयार नहीं है।