फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान की गोलाबारी ने लगाया J&K के बार्डर टूरिज्म पर ग्रहण

Thu, 10 Nov 2016 08:11 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
सीमा पर तनाव का हुआ नुकसान - फोटो : File Photo
विज्ञापन
बार्डर पर तनाव का असर जम्मू के पर्यटन पर भी पड़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बताती है। इसमें लगभग 25 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। कई साल के बाद ऐसा हुआ है, जब अक्तूबर के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई हो।
विज्ञापन


यही नहीं, मुश्किल से जम्मू में आने वाले पर्यटकों का रुझान बार्डर टूरिज्म की तरफ बड़ा था, लेकिन तनाव से यह चौपट हो गया। जानकारी के अनुसार अक्तूबर महीने में इस साल वैष्णो देवी 583194 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि इसी महीने पिछले साल 794623 श्रद्धालु वैष्णो देवी पहुंचे।

सुचेतगढ़ और इसके आसपास के सीमांत क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों की संख्या हजार से पंद्रह सौ प्रतिदिन थी, लेकिन पाक गोलाबारी से यह संख्या शून्य पर पहुंच गई है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही सीमा पर अशांति का माहौल है।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

गोलाबारी और हिंसा से गरीबों को सबसे ज्यादा नुकसान

घाटी में हिंसा से पर्यटन उद्योग भी प्रभावित - फोटो : PTI
सीमा पर अशांति के माहौल की वजह से जम्मू आने वाले पर्यटकों ने बार्डर टूरिज्म से किनारा कर लिया। अब सुचेतगढ़ और इसके आसपास कोई नहीं जा रहा। यहां तक इन इलाकों के रहने वाले लोग भी छिपकर जीवन जी रहे हैं। पर्यटन विभाग भी मानता है कि पाक गोलाबारी का असर बार्डर टूरिज्म पर पड़ा है।

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी और सीमा पर पाकिस्तानी गोलाबारी की वजह से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग को पिछले कुछ दिनों में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। एक ओर जहां घाटी के खराब हालातों से जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है वहीं पर्यटकों के सहारे ही अपना जीवन चलाने वाले तमाम छोटे व्यापारियों को भी बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें