एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तारबंदी का घेरा घुसपैठ के मंसूबों को नाकाम कर रहा है। तारबंदी पर जवानों को हाई अलर्ट पर रखा जाता है। इसी के चलते पाकिस्तानी सेना ने इंजीनियरों की मदद लेकर सुरंगें बनवाईं। सांबा सेक्टर में ही चार सुरंगों का पर्दाफाश हो चुका है। वर्तमान में सीमा पर कई तरह के निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। अब खास तौर पर सुरंगों से घुसपैठ की आशंका वाले इलाकों को रडार और थर्मल इमेजर के लिए चिह्नित किया गया है।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। ड्रोन से हथियारों को इस पार पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराया जाता है। स्लीपर सेल उन हथियारों को उठाकर बताई गई जगह तक पहुंचाता है। इसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां दो तरफा रणनीति पर काम कर रही हैं। रडार से ड्रोन की मूवमेंट को पकड़ा जाएगा। थर्मल इमेजर सीमा पर इंसानी हरकत को पकड़ेंगे। हथियार तस्करी और आतंकी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल रूटों पर भी खास नजर रखी जा रही है।
यह भी पढ़ें- नशे के दलदल में धंसते युवा: जहर से जंग के खिलाफ पुलिस की हैरान करने वाली कार्यशैली