फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू में सांबा अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक पाक घुसपैठिया गिरफ्तार, पूछताछ जारी

Sun, 21 Mar 2021 02:12 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • हथियार तस्करी और घुसपैठ के रूटों पर खास नजर
  • सीमा पर लगाए गए कई तरह के निगरानी उपकरण
विज्ञापन
गिरफ्तार घुसपैठिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू संभाग के सांबा जिले में शनिवार देर रात को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी नागरिक को बीएसएफ द्वारा पकड़ा गया है। बीएसएफ जवानों ने सीमा पर संदिग्ध हरकत देखी। इस दौरान घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

विज्ञापन


बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर संघर्षविराम पर समझौते के बाद से शांति है लेकिन सीमा पार से घुसपैठ की साजिशें रची जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग खोदकर घुसपैठ की आशंका वाले इलाकों में अब रडार और अत्याधुनिक थर्मल इमेजर लगाने की तैयारी है। 

रक्षा सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी को काटकर घुसपैठ बेहद मुश्किल है। इसी वजह से पाकिस्तान सुरंगों से घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है। सुरंग से घुसपैठ की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर रडार और थर्मल इमेजर लगाने की योजना है। इसकी शुरुआत अखनूर और आरएस पुरा से की जाएगी, जिसके बाद सांबा सेक्टर व सटे इलाके में भी अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-  पीएम पैकेज के तहत भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 28 मार्च से, कश्मीर में बने सभी परीक्षा केंद्र

घुसपैठ के मंसूबों को नाकाम कर रहा है तारबंदी का घेरा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तारबंदी का घेरा घुसपैठ के मंसूबों को नाकाम कर रहा है। तारबंदी पर जवानों को हाई अलर्ट पर रखा जाता है। इसी के चलते पाकिस्तानी सेना ने इंजीनियरों की मदद लेकर सुरंगें बनवाईं। सांबा सेक्टर में ही चार सुरंगों का पर्दाफाश हो चुका है। वर्तमान में सीमा पर कई तरह के निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। अब खास तौर पर सुरंगों से घुसपैठ की आशंका वाले इलाकों को रडार और थर्मल इमेजर के लिए चिह्नित किया गया है।
विज्ञापन

रडार से ड्रोन, थर्मल इमेजर से घुसपैठ पर रहेगी नजर

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। ड्रोन से हथियारों को इस पार पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराया जाता है। स्लीपर सेल उन हथियारों को उठाकर बताई गई जगह तक पहुंचाता है। इसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां दो तरफा रणनीति पर काम कर रही हैं। रडार से ड्रोन की मूवमेंट को पकड़ा जाएगा। थर्मल इमेजर सीमा पर इंसानी हरकत को पकड़ेंगे। हथियार तस्करी और आतंकी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल रूटों पर भी खास नजर रखी जा रही है।

यह भी पढ़ें- नशे के दलदल में धंसते युवा: जहर से जंग के खिलाफ पुलिस की हैरान करने वाली कार्यशैली    




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें