मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मामलों का पता लगाने में तेजी लाने, उपचार परिणामों में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त जम्मू कश्मीर हमारा साझा लक्ष्य होना चाहिए।
उपराज्यपाल ने टीबी के सभी पहलुओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मीडिया के विभिन्न रूपों का उपयोग करने की इच्छा व्यक्त की। स्वास्थ्य विभाग से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उसके क्षेत्र के कार्यकर्ता कार्यक्रम की सफलता के लिए अथक प्रयास करें। इसमें सभी टीबी रोगियों की कड़ी निगरानी शामिल होनी चाहिए ताकि वे नियमित रूप से निर्धारित दवाओं का सेवन करें।
उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे प्रदेश में सीबीएनएएटी और ट्रूनेट सहित डायग्नोस्टिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करने को कहा। उपराज्यपाल ने उपायुक्तों से आईईसी और जागरूकता अभियानों को व्यापक बनाने और धार्मिक नेताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों, खिलाड़ियों, प्रमुख नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों को शामिल करने के लिए कहा ताकि टीबी से जुड़े कलंक को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों को नि-क्षय मित्र के रूप में खुद को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
बैठक में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विभिन्न मापदंडों पर जम्मू कश्मीर के प्रदर्शन, टीबी मुक्त पंचायत पहल के तहत दर्ज उपलब्धियों, टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए मीडिया कार्यशालाओं, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड की संतृप्ति, उपचार और परीक्षण उपकरणों की खरीद पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने प्रदेश भर की गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी, एनएचएम जम्मू-कश्मीर के मिशन निदेशक बसीर उल हक चौधरी, उपायुक्त, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।