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जम्मू-कश्मीर में जीएसटी लागू करने के लिए अध्यादेश लाएगी राज्य सरकार

Mon, 26 Jun 2017 12:05 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रेयांश त्रिपाठी
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
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जम्मू कश्मीर में जीएसटी को लागू करने के लिए सरकार एक जुलाई से पूर्व अध्यादेश ला सकती है। श्रीनगर में शनिवार को इस संबंध में बुलाई गई सर्व दलीय बैठक का विपक्षी दलों नेशनल कांफ्रेस और कांग्रेस के बहिष्कार के बाद आपसी सहमति से जीएसटी लागू करने के प्रयासों को झटका लगा है। इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की राज्यपाल एन एन वोहरा से मिलकर जीएसटी को लागू करने पर चर्चा से अध्यादेश जारी होने की संभावनाओं को बल मिला है। 
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राज्यपाल से मुख्यमंत्री की मुलाकात के दौरान दोनों ने सहमति जताई कि जीएसटी लागू होने में देरी से जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ सकता हैं। इससे राज्य के लोगों के कल्याण पर विपरीत प्रभाव पड़ने से गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।

वहीं जीएसटी पर सहमति बनाने के मकसद से सरकार की तरफ से गठित पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद मुजफ्फर हुसेन बेग की अध्यक्षता में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का कांग्रेस व नेशनल कांफ्रेंस ने बहिष्कार किया। वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू की तरफ से वीरवार को आल पार्टी कंसल्टेटिव ग्रुप के सदस्यों को निमंत्रण दिया गया था। 
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जीएसटी लागू करने के लिए तीन विकल्प मौजूद

जीएसटी के लिए तीन विकल्प मौजूद - फोटो : डेमो फोटो
बैठक में बेग ने कहा कि रियासत में जीएसटी लागू करने के रास्तों में राजनीतिक सहमति के लिए और समय दिया जाना चाहिए। दूसरा राज्य विधायिका के पास ले जाने तथा तीसरा कैबिनेट से इस मामले में फैसला लेने को कहा। कहा कि इन तीनों विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

ड्राफ्ट प्रस्ताव के बिना सर्वदलीय बैठक का औचित्य नहीं: नेकां
जम्मू। नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष कश्मीर नासिर असलम वानी ने पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पूर्व बैठक में लिए गए फैसले कि ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार कर पार्टियों को उपलब्ध करवाया जाएगा, के बिना ही सर्वदलीय बैठक शनिवार को बुलाई। बैठक का न्योता दोपहर सवा बारह बजे नेकां नेताओं को हासिल हुआ। ड्राफ्ट प्रस्ताव के बिना बैठक का कोई औचित्य नहीं था। ऐसे में नेकां ने बैठक में जाना जरूरी नहीं समझा। कांग्रेस ने भी ड्राफ्ट प्रस्ताव के अभाव में बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। 
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