लद्दाख की मेडिकल छात्रा से छेड़छाड़ के मामले पर विपक्ष ने विधानसभा से वाकआउट कर दिया। शुक्रवार को कांग्रेस के सदस्यों ने आरोपी डॉक्टर (चिकित्सा शिक्षक) पर कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में सदन में नारेबाजी की।
विरोध के बाद सरकार की ओर से आरोपी को निलंबित कर मामले की जांच शुरू कर दिए जाने की जानकारी दी गई। पर सरकार के तर्कों से असंतुष्ट नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर गए।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के नवांग रिगजिन जोरा ने लद्दाख की छात्रा से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोपी को बर्खास्त करने की मांग की। समर्थन में नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य भी उठ खड़े हुए। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि आरोपी डाक्टर को अटैच किया गया था, लेकिन, पिछले तीन दिन से वह आईसीयू में ड्यूटी दे रहे हैं। कुछ मंत्री उन्हें बचाने में लगे हैं।
विपक्षी सदस्य ब्रेक योर साइलेंस आन द इश्यू, वेयर इज योर लाडली बेटी, सेव योर गर्ल्स फ्राम सेक्सुअल एबयूज जैसे नारे लिखे पोस्टर लहरा रहे थे। उनका कहना था कि आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ड्यूटी पर रखा गया है, जबकि सदन में सरकार ने जवाब दिया था कि आरोपी डाक्टर को अटैच कर दिया गया है।
हंगामे के दौरान ही स्वास्थ्य राज्य मंत्री आसिया नक्काश ने कहा कि डाक्टर को निलंबित किया गया है। साथ ही जांच चल रही है। संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने हस्तक्षेप करते हुए सदस्यों से शांत रहने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पर विपक्ष उनके जवाब से भी संतुष्ट नहीं हुआ।