विधानसभा सत्र के लिए विपक्ष नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने स्वर से स्वर मिलाते हुए गठबंधन सरकार पीडीपी-भाजपा को घेरने का निर्णय लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भठिंडी स्थित निवास स्थान पर रविवार को रात्रिभोज पर दोनों दलों के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनी।
इस बैठक में उमर अब्दुल्ला के अलावा नेकां के नेता शामिल हुए, जबकि कांग्रेस की तरफ से प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, विधायक दल के नेता नवांग रिगझिन जोरा और अन्य शामिल रहे।
मीर के अनुसार पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार नाकाम रही है। जन आकांक्षाओं को गहरा झटका लगा है। ऐसे में विपक्ष अपनी जिम्मेदारी को निभाएगा। एकजुट होकर विपक्ष सरकार को घेरेगा। हालांकि मीर के अनुसार जिन मुद्दों पर दोनों पार्टियों में आम राय नहीं होगी, उन मुद्दों पर दोनों दल पार्टी लाइन पर काम करेंगे।
इससे पूर्व शेर-ए-कश्मीर भवन में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में नेकां विधायक दल की बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटा चली बैठक में विधानसभा और विधान परिषद सत्र के लिए रणनीति तय की गई।
पार्टी नेताओं के अनुसार बैठक में यह तय किया गया कि नेकां सक्षम विपक्ष की भूमिका में रहेगी और सरकार की नाकामियों को जोरशोर से उजागर किया जाएगा। इस अवसर पर एमएलसी सरदार धर्मवीर सिंह ओबराय के निधन पर दो मिनट का मौन भी रखा गया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।