जम्मू में विपक्ष की बैठक आयोजित
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला ने गुलाम नबी आजाद और अल्ताफ बुखारी पर निशाना साधा है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दोनों नेताओं के दल सरकार के दल हैं। दरअसल, मंगलवार को जम्मू में नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें गुलाम नबीं आजाद का दल प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी और अल्ताफ बुखारी का दल जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।
दोनों पार्टियों का विपक्ष दल की बैठक में शामिल न होने को लेकर फारूक अब्दुल्ला से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दोनों दल सरकार के दल हैं। साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जो हालात इस समय प्रदेश के हैं वो चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया गया कि जम्मू कश्मीर में संविधान को निलंबित कर दिया गया है। उपराज्यपाल, गृहमंत्री, पीएम मोदी बार-बार ये कहते हैं कि जम्मू कश्मीर रियासत सब सामान्य है तो फिर चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे। सांसद ने सवाल किया कि आखिर क्यों परिसीमन और मतदाता सूची बनने के बाद भी चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने पिछले साल कांग्रेस से अपना नाता तोड़ने के बाद 'जम्मू कश्मीर प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी' का गठन किया था। उन्होंने हाल ही में अपनी पार्टी के एक साल पूरे होने पर स्थापना दिवस मनाते हुए श्रीनगर में रैली की। वहीं, आजाद के उपराज्यपाल बनाए जाने की भी बात सामने आई, जिसे गुलाम नबीं ने खारिज कर दिया। आजाद ने कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह यहां रोजगार करने नहीं बल्कि लोगों की सेवा करने आए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।
वहीं, अल्ताफ बुखारी पीडीपी से जुड़े हुए थे। पीडीपी से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2020 में ' जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी' का गठन किया था। केंद्र सरकार ने जब अनुच्छेद 370 को हटाया तो वहां किसी भी तरह की हिंसा न होने पर वह मोदी सरकार की सराहना कर चुके हैं।